अनिल कुमार, किन्नौर: प्रदेश में बीते 2 दिनों से लगातार आ मौसम खराब भरा हुआ हैं। ऐसे में जहां ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो रही है तो वहीं मैदानी इलाकों में जमकर बारिश हो रही हैं। ज़िला किन्नौर में अप्रैल माह में भी बर्फबारी की दस्तक से पहाड़ सफ़ेद चांदी से चमकने लगे हैं। बर्फ़बारी के बाद ज़िला में तापमान भी शून्य के नीचे चला गया हैं, हालंकि बर्फबारी के बाद अबतक किसी भी क्षेत्र में फिलहाल ग्लेशियर गिरने की सूचना नहीं मिली है लेकिन अप्रैल माह में पहाड़ो पर बर्फबारी से नदी नालों में ग्लेशियर आने की संभावनाएं भी बढ़ गई हैं।
किन्नौर ज़िला में अप्रैल माह मे ऊंचे पहाड़ों पर भारी बर्फबारी से पहाड़ों पर बर्फ की सफ़ेद धूल भी उढ रही हैं लिहाजा नदी नालों में ग्लेशियर के अलावा जलस्त्रोत का प्रवाह भी बढ़ने लगा हैं। ज़िला के निचले क्षेत्रों मे भी बारिश की बूंदों ने लोगों को सिंचाई से कुछ समय के लिए निजात दिलवाई हैं। वहीं प्रशासन ने किन्नौर में 6 अप्रैल तक बर्फबारी व बारिश का अलर्ट जारी किया हैं, ऐसे में निचले क्षेत्रों ने भी अब बर्फबारी की संभावनाएं जताई जा रही हैं।
डीसी किन्नौर तोरुल एस रवीश ने ज़िला में जारी बर्फबारी व बारिश के अलर्ट पर पर्यटकों को ऐतिहायत बरतने के साथ ऊंचाई वाले पर्यटन क्षेत्रों में साहसिक गतिविधियों को करने से मना किया हैं ताकि पर्यटकों को बर्फबारी की आपदाओं से बचाया जा सके। ज़िला के पहाड़ो पर अप्रैल माह में हुई बर्फबारी के बाद ठंड बढ़ गई हैं और लोगों ने एक बार फिर से गर्म कपड़ो का सहारा लेना भी शुरू कर दिया हैं।
