संजीव महाजन,नूरपुर: समय से पहले आम के पौधों पर अंकुर आना और बे मौसमी बारिश होने से इस बार आम की फसलों पर खतरा मंडराने की संभावना जताई जा रही हैं। बागबानों व जिन लोगों ने आम की बाग लीज पर लिए हुए हैं अब उन्हें पैदावार कम होने से नुकसान होने की चिंता सत्ता रही हैं। आम को फलों का राजा कहा जाता हैं। विधानसभा नूरपुर ,इंदौरा को आम के पैदावार का क्षेत्र के रुप से पहचाना जाता हैं। इन क्षेत्रों में पैदा होने वाला विभिन्न किस्मों का आम समूचे देश में एक अपनी अलग पहचान बनाए हुए हैं, लेकिन इस बार बारिश की वजह से यहां पर फसल कम होने के आसार लगाए जा रहे हैं।
आम के बागवान त्रिलोक सिंह ने बताया कि मौसमी बारिश के कारण आम के पौधों का अंकुर काला हो गया है। इसे दवाई के माध्यम से बचाना चाह रहे हैं पर मुश्किल हैं। उन्होंने बताया कि बाग लीज पर दे रखे हैं ओर 30- 40 लोग काम पर लगे हुए हैं। इस बार फ़सल ना होने से इनका मेहनत नामा भी देना मुश्किल हो जाएगा।
उन्होंने बताया कि अब स्प्रे करके इन फलों को बिमारियों से बचाने की कोशिश कर रहे हैं।आजकल लोग देसी आम के पेड़ों को कटवा कर दशेरी आम के पौधे लगा रहे हैं क्योंकि दशेरी आम की फसल देसी आमों से ज्यादा होती हैं।
