संजीव महाजन,नूरपुर(TSN): प्रदेश में सड़कों पर बेसहारा छोड़े गए गौवंश को बचाने और उनकी सेवा में जुटे समाजसेवी अपर्ण चावला समाज के लिए प्रेरणा के स्त्रोत बन रहे हैं। नूरपुर की पंचायत गेही लगोड से ताल्लुक रखने वाले समाजसेवी अर्पण चावला पांच साल से इस सेवा कार्य में जुटे हुए हैं। उनके इस कार्य को देखते हुए सैकड़ो की संख्या में युवा भी उनके साथ है उनकी इससे पहले में जुड़ गए हैं और गौवंशों के हितों के लिए कार्य कर रहे हैं।
प्रदेश भर से 380 युवा अलग-अलग जगहों से जुड़े हुए हैं ओर उनके साथ इस गौसेवा कार्य में जुटे हुए हैं। सभी युवा और वह खुद भी रात-दिन नि:शुल्क सेवा भावना से गौवंश की सेवा कर रहे हैं। समर न्यूज़ से बातचीत में अपर्ण चावला ने बताया कि लगभग 22 सौ गौवंशों को मरहमपट्टी करके अलग-अलग गौशालाओं में वह पहुंचा चुके हैं।
सरकार से नहीं बल्कि कुछ समाजसेवी संस्थाओं व समाजसेवियों से भी उन्हें इस कार्य को करने के लिए मदद मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि सड़कों पर बेसहारा घूमने के लिए छोड़े गए पशु अंधेरे में हादसों का शिकार हो जाते हैं। क़ई गाड़ियां इन्हें कुचल कर चली जाती हैं। ऐसे में इन्होंने सड़कों पर भी बेसहारा छोड़े गए हजारों गौवंश को रेडियम कॉलर पट्टियां पहनाई है ताकि रात को वाहन चालकों को पता चल सके की सड़क पर कोई भी सहारा जानवर घूम रहा हैं। उन्होंने समाज को यह संदेश दिया है कि गौवंश की जगह सड़कों पर नहीं बल्कि घर पर खूंटे पर होती है और अगर आप अपने घर में किसी भी जानवर को पाल रहे हैं तो उसके अंतिम क्षणों तक आप उसे घर में रखें ना कि उसे बेसहारा
सड़कों पर घूमने के लिए छोड़ दें।
