सोलन/योगेश शर्मा: सोलन अस्पताल में हैंड-फुट एंड माउथ डिजीज के लिए अलग से वार्ड बना दिया गया है। अस्पताल प्रबंधन ने यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया है। दरअसल कुछ दिन पहले अस्पताल में हैंड-फुट एंड एंड माउथ बिमारी से जुड़े कुछ रोगी आए थे उनमें इस बिमारी से जुड़े कुछ लक्षण थे। ऐसे में यह रोग अन्य मरीजों को न फैले इसके लिए सरकार ने अलग से वार्ड खोलने के लिए अस्पताल प्रबंधन को आदेश दिए थे। इस लिए यह वार्ड खोल दिया गया। हालांकि वार्ड में अभी तक एक भी मरीज दाखिल नहीं हुआ है। इक्का-दुक्का जो मामले सामने आए भी यह भी होम आइसोलेट ही हैं। यह जानकारी मेडिकल सुपरिटेंडेंट एसएल वर्मा ने मीडिया को दी।
मेडिकल सुपरिटेंडेंट एसएल वर्मा ने बताया कि हैंड-फुट एंड माउथ डिजीज के लक्षण कुछ हद तक टोमेटो फ्लू की तरह देखने को मिले है। लेकिन कोई भी रोगी टोमेटो फ्लू का देखने को नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि जो लक्षण रोगियों में पाए जा रहे हैं वह सामान्यतः बचपन में होने वाली हल्की बीमारी है, लेकिन यह वयस्कों में भी हो सकती है। इस बीमारी में ज्यादातर मरीज 2 सप्ताह के अंदर पूरी तरह से रिकवर से जाते हैं, लेकिन कुछ दुर्लभ मामलों में कुछ बच्चों में जटिलताएं भी नजर आ सकती है। कई बार इस बीमारी ने महामारी का भी रूप लिया है। यह बीमारी एक वायरल इंफेक्शन है। इसलिए इस बीमारी से बचने के लिए सावधानी रखना बेहद आवश्यक है।
