अरविंदर सिंह,हमीरपुर(TSN): जिला हमीरपुर में नवंबर माह के दौरान निशानदेही के लंबित चल रहे अधिकांश मामलों को निपटाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया हैं। मक्की की फसल कटाई का कार्य पूरा हो जाने के बाद गेहूं फसल की बिजाई का कार्य शुरू हो रहा हैं, ऐसे में खेत भी खाली हैं। इस समय को निशानदेही के लिए उपयुक्त माना जाता हैं। इसी को देखते हुए जिला प्रशासन ने नवंबर माह को निशानदेही के मामलों को निपटाने के लिए चुना हैं। उपायुक्त हमीरपुर ने सभी तहसीलदारों को प्राथमिकता के आधार पर इन मामलों को निपटाने के निर्देश जारी किए हैं।
बता दें कि पिछले दिनों जिला के राजस्व अधिकारियों की बैठक में जिलाधीश हेमराज बैरवा ने निशानदेही के लंबित मामलों पर कड़ा संज्ञान लेते हुए निर्देश दिए थे कि इन मामलों को जल्द निपटाया जाए। जिला में विभिन्न तहसीलों में निशानदेही के कुल 2729 मामले लंबित हैं, जिनमें से हमीरपुर तहसील में 971, भोरंज में 401,सुजानपुर में 353, नादौन में 251, बड़सर में 402, ढटवाल में 124, बमसन में 66 व गलोड़ में 161 मामले लंबित पड़े हैं। इनमें से 7 से 8 प्रतिशत मामले ऐसे हैं जोकि एक वर्ष से अधिक समय लंबित पड़े हुए हैं।
ज़िला राजस्व विभाग के अनुसार नवंबर माह में फसलें काटी जा चुकी हैं, इसलिए इस माह को निशानदेही के लिए सामान्यत: उपयुक्त माना जाता हैं। इसलिए इस माह विशेष अभियान शुरू किया गया हैं। उपायुक्त ने बताया कि ज़िला में राजस्व कर्मचारियों को निशानदेही से जुड़े लंबित मामलों को निपटाने को कहा गया हैं। उन्होंने बताया कि सभी तहसीलों में नियमों के आधार पर निशानदेही का कार्य संपूर्ण करवाएं।
उन्होंने कहा कि जिस भूमि की एक बार निशानदेही हो जाती है उसे पर बार-बार निशानदेही नहीं की जाती है और अगर किसी को मंजूर नहीं है तो इसपर अपील की जा सकती हैं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं कि बिना किसी पक्षपात के ही निशान देही का काम संपन्न करवाए ।
