राकेश,ऊना: दिव्यांगजनों के साथ होने वाले भेदभाव ओर व्यवहार को लेकर लोगों को जागरूक किया जा सके इसी उद्देश्य से विकलांगता दिवस पर प्रेम आश्रम के विशेष बच्चों ने ऊना में जागरूकता रैली निकाली। इस रैली में काफी संख्या में दिव्यांग बच्चों ने भाग लिया और नारेबाजी कर लोगों को दिव्यांगता क्या है और दिव्यांगजनों के साथ किस तरह का व्यवहार किया जाना चाहिए इस बारे में जागरूक किया। यह रैली प्रेम आश्रम ऊना से शुरू होकर एमसी पार्क ऊना तक निकाली गई।
रैली में तख्तियों पर लिखे शब्दों के जरिए और नुक्कड़ नाटक के जरिए लोगों को दिव्यांगों के प्रति अपनी सोच बदलने को लेकर जागरूक किया गया। इस दौरान दिव्यांग और विशेष बच्चों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को इस बात को लेकर जागरूक किया कि दिव्यांग बच्चे भी दूसरे बच्चों की तरह ही होते है। उन्हें भी दूसरे बच्चों की तरह ही समाज में रहने का अधिकार है। ऐसे बच्चों के साथ किसी तरह का कोई भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए। लोगों को किस तरह से दिव्यांग जनों के प्रति अपनी मानसिकता बदलने की जरूरत है इसके बारे में भी जागरूकता फैलाई गई।
बता दें की वर्ल्ड डिसेबिलिटी डे का शुभारंभ राष्ट्र संघ की ओर से 1992 में किया गया था। 3 दिसंबर 1992 में विकलांगता दिवस की शुरुआत की गई थी। तब से लेकर अब तक हर साल 3 दिसंबर को विकलांगता दिवस मनाया जाता है। इसका मुख्य मकसद इन बच्चों को समाज की मुख्यधारा में लाना, जिंदगी में आगे बढ़ना और अपने हकों के लिए आगे आना,रोजमर्रा की आवश्यकता और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करना है।
