मंजूर पठान, चंबा: प्रदेश में सरकार शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य और सुविधाएं देने की लगातार बात करती आ रही हैं, लेकिन इसके विपरीत सच यह भी है कि हिमाचल के दूरदराज के जिला चंबा में बहुत से स्कूल ऐसे हैं जिनमें स्टाफ की कमी हैं। स्टाफ की कमी के चलते यहां छात्रों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही हैं।बचंबा जिला के तहत आने वाले चुराह विधान सभा क्षेत्र के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कलहेल में स्टाफ की कमी के चलते 230 छात्र छात्राओं की पढ़ाई पर इसका असर पड़ रहा हैं।
स्कूल में आधा दर्जन से अधिक अध्यापकों के पद रिक्त चल रहे हैं इसकी और सरकार का भी ध्यान है नहीं गया हैं लेकिन उसका खामियाजा छात्र छात्राओं को भुगतना पड़ रहा हैं। बता दे की चार पंचायतों के सैकड़ों छात्र छात्राएं यहां पढ़ाई करने के लिए आते है लेकिन स्कूल में राजनीति शास्त्र,मैथेमेटिक्स,हिंदी, हिस्ट्री सहित अन्य अध्यापकों के सात पद खाली होने से बच्चों की पढ़ाई पर लगातार असर पड़ रहा हैं। उक्त स्कूल में बच्चों ने कई बार स्टाफ की कमी को दूर करने के किए मांग भी की है लेकिन उनकी मांग को अभी तक पूरा नहीं किया गया हैं।
बता दे की स्कूल में नया सत्र शुरू हो चुका है और स्कूल में छठी कक्षा से लेकर बारहवीं तक 230 बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं, लेकिन स्टाफ की कमी होने से बच्चों को सही तरीके से शिक्षा यहां नहीं मिल पा रही हैं। छात्रों ने सरकार से मांग करते हुए कहा है की जल्द स्टाफ की कमी को पूरा किया जाए, ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित ना हो। स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्रों का कहना है कि स्कूल में बहुत से विषयों के अध्यापकों के पद रिक्त चल रहे हैं जिसकी वजह से उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है स्कूल में शिक्षक ना होने की वजह से वह अपनी पढ़ाई को सुचारु नहीं रख पा रहे हैं। सरकार से हमारी अपील है कि जल्द से जल्द अध्यापकों के रिक्त पदों को भरा जाए जिससे कि छात्रों को परेशानियों का सामना ना करना पड़े और उनकी पढ़ाई भी सुचारू रूप से चल सके।
वहीं स्कूल के कार्यकारी प्रधानाचार्य जगदीश कुमार ने बताया की स्कूल में सस्टाफ़ की कमी होने से हमे सारा कार्य करना पड़ता है और उससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही हैं। हम सरकार से मांग करते है की जितने भी रिक्त पद हमारे स्कूल में है उन्हे जल्द भरा जाए ताकि पढ़ाई प्रभावित ना हो।
