शिमला, संजू -:शिमला में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नशा तस्करी के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को सख्ती से लागू किया है। इस बार कार्रवाई सिर्फ बाहरी तस्करों तक सीमित नहीं रही, बल्कि पुलिस विभाग के अंदर छिपे उन चेहरों को भी बेनकाब कर दिया गया, जो वर्दी की आड़ में अवैध कारोबार चला रहे थे। LSD तस्करी के इस मामले में STF के चार पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी ने पूरे महकमे में हड़कंप मचा दिया है। पुलिस का साफ संदेश है—चाहे कोई कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून से ऊपर कोई नहीं है।
ASP अभिषेक के अनुसार, इस पूरे मामले की शुरुआत 10 मार्च 2026 को हुई, जब न्यू शिमला पुलिस ने संदीप शर्मा और प्रिया शर्मा को गिरफ्तार कर उनके पास से 11.570 ग्राम LSD, यानी 562 स्ट्रिप्स बरामद की थीं। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने सप्लाई चेन को ट्रेस करते हुए केरल निवासी नेविल हैरिसन को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया।मामले की गहन जांच और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण के दौरान एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पता चला कि कुल्लू जिले में STF में तैनात चार पुलिसकर्मियों ने इस तस्करी को रोकने के बजाय तस्करों के साथ मिलकर इस अवैध नेटवर्क को बढ़ावा दिया। यह मामला सिर्फ आपराधिक साजिश नहीं, बल्कि पुलिस व्यवस्था में गंभीर नैतिक गिरावट को भी दर्शाता है।
जांच के बाद ADG CID की सिफारिश पर इन चारों पुलिसकर्मियों को 16 मार्च को निलंबित किया गया था। इसके बाद पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर 19 मार्च 2026 को शिमला पुलिस ने चारों आरोपियों—राजेश कुमार, समीर, नितेश और अशोक कुमार—को गिरफ्तार कर लिया।अब सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा, जहां आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के खिलाफ यह अभियान आगे भी इसी सख्ती के साथ जारी रहेगा।
