शिमला : कमल भारद्वाज – आउटसोर्स कर्मचारियों का राज्य अधिवेशन रविवार को शिमला के कालीबाड़ी हॉल में हुआ, जिसमें प्रदेश भर से आउटसोर्स कर्मचारी जुटे। इस अधिवेशन में आउटसोर्स कर्मचारी के शोषण को रोकने के लिए रणनीति तैयार की जा रही है।
आउटसोर्स कर्मचारी यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष वीरेंद्र लाल ने बताया कि आउटसोर्स कर्मचारियों के साथ लंबे समय से भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आउटसोर्स कर्मचारियों की नौकरी खतरे में है। हर एक विभाग से आउटसोर्स कर्मचारियों की छटनी की जा रही है।आउटसोर्स कर्मचारियों का हर एक विभाग में शोषण किया जा रहा है। इन कर्मचारियों को न तो समय पर वेतन दिया जाता है और ना ही कोई छुट्टियों का प्रावधान है। आउटसोर्स कर्मचारियों से काम तो लिया जा रहा है लेकिन नौकरी की कोई सुरक्षा नहीं है। कर्मचारी अपनी आवाज उठाता है तो उसे बाहर का रास्ता दिखाया जाता है। इसके खिलाफ किस तरह से आवाज बुलंद करनी है इसकी रुप रेखा तैयार की जाएगी।
