भावना शर्मा: प्रदेश में बीते शनिवार से लगातार हो रही बारिश परेशानी बनती जा रही हैं। प्रदेश के हर एक जिला से भारी बारिश के चलते लगातार नुकसान की खबरें सामने आ रही हैं। हालात इस तरह के बने हुए हैं कि कई जिलों में शिक्षण संस्थानों तक को भारी बारिश के चलते बंद कर दिया गया हैं। वहीं प्रशासन की ओर से स्थानीय लोगों और पर्यटकों को लेकर भी एडवाइजरी जारी कर दी गई हैं।
प्रदेश में मानसून बीते 2 दिनों से अपना रौद्र रूप दिखा रहा है लगातार हो रही बारिश के चलते जगह-जगह लैंडस्लाइड होने के साथ ही प्रदेश में नदियों का जलस्तर भी बढ़ गया हैं। वहीं बात अगर मौसम विभाग की की जाए तो मौसम विभाग की ओर से प्रदेश के 12 जिलों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया हैं। इसमें जहां 5 जिलों हमीरपुर, बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा और मंडी में मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया हैं, तो वहीं शिमला,सोलन और सिरमौर जिला के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया हैं। प्रदेश के बाकी जिलों के लिए मौसम विभाग की ओर से येलो अलर्ट जारी किया गया हैं।
प्रदेश के जिन जिलों में मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया हैं वहां भारी बारिश और बाढ़ की संभावना मौसम विभाग की ओर से जताई गई हैं, जबकि ऑरेंज अलर्ट वाले स्थानों के लिए भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने जारी की हैं। वहीं भारी बारिश को देखते हुए कुल्लू जिला में जिला प्रशासन की ओर से 10 जुलाई को सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित कर दिया गया हैं। मौसम विभाग की ओर से जिला में जारी किए गए रिटेलर के चलते जिला प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से यह फैसला लिया हैं।
वहीं जिला मंडी में भी भारी बारिश के चलते हैं हालात खराब बने हुए हैं। यहां व्यास नदी ने रौद्र रूप धारण कर लिया है और व्यास नदी के आसपास के इलाकों में भी पानी भर गया हैं। मनाली में भी भारी बारिश के चलते हालात काफ़ी ख़राब बने हुए हैं। राजधानी शिमला में भी बारिश की वजह से क़ई जगहों पर भूस्खलन ओर पेड़ गिरने जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं।
पर्यटकों ओर स्थानीय लोगों के लिए जारी की गई हैं एडवाइजरी
प्रदेश में बारीश के चलते पैदा हुए हालातों को देखते हुए सभी पर्यटकों और आम लोगों के लिए एडवाइजरी भी जारी की गई हैं। पर्यटकों और स्थानीय लोगों को नदी, नालों के पास ना जाने की सलाह दी गई हैं। आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलने की सलाह लोगों को दी गई हैं ओर घरों पर ही सुरक्षित रहने को कहा गया हैं। भूस्खलन ओर बाढ़ जैसे हालातों के बीच लोगों को घरों में ही सुरक्षित रहने की सलाह प्रशासन की ओर से दी गई हैं।
