Shimla, 1 December-:जिला दंडाधिकारी अनुपम कश्यप ने द मॉल शिमला और इसके आसपास के प्रमुख क्षेत्रों में रैली, जुलूस, प्रदर्शन, सार्वजनिक बैठकें, नारेबाज़ी और बैंड बजाने जैसी गतिविधियों पर कड़ा नियंत्रण लागू कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि इन आयोजनों के दौरान लोगों द्वारा ऐसी वस्तुएँ साथ लाई जा रही हैं जिन्हें आपराधिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे सार्वजनिक शांति व व्यवस्था भंग होने की आशंका रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह प्रतिबंध लगाया गया है।
पंजाब सिक्योरिटी ऑफ स्टेट एक्ट, 1953 (जो हिमाचल प्रदेश में लागू है) की धारा 6 के तहत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी आदेश में जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति किसी भी प्रकार का जुलूस, रैली, नारेबाज़ी या बैंड का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही, ऐसे किसी भी सामान को साथ ले जाना पूरी तरह वर्जित होगा जो हथियार के रूप में प्रयोग किया जा सके।
प्रतिबंधित क्षेत्र में छोटा शिमला से केनेडी हाउस और द रिज तक द मॉल रोड, रेंदेवू रेस्टोरेंट से रिवोली सिनेमा तक 150 मीटर क्षेत्र, स्कैंडल प्वाइंट से कालीबाड़ी मंदिर तक का मार्ग शामिल है। इसके अतिरिक्त छोटा शिमला गुरुद्वारा से कसुम्पटी रोड लिंक, छोटा शिमला चौक से राजभवन होते हुए ओक ओवर तक का क्षेत्र, गुरुद्वारा के समीप पैदल मार्ग, कार्ट रोड से मजीठिया हाउस तक लिंक रोड, ए.जी. ऑफिस से कार्ट रोड तक जाने वाला रास्ता तथा पुलिस गुमटी (उपायुक्त कार्यालय के ऊपर) से लोअर बाज़ार की ओर 50 मीटर क्षेत्र भी आदेश के दायरे में होगा।इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की सार्वजनिक सभा या प्रदर्शन करने से पूर्व सक्षम प्राधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य होगा ताकि भीड़ प्रबंधन और कानून-व्यवस्था पर नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके। आदेश पुलिस, पैरामिलिट्री एवं सैन्य बलों पर उनके आधिकारिक कार्यों के दौरान लागू नहीं होगा। यह आदेश 1 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक प्रभावी रहेगा और इसका उल्लंघन कानूनन दंडनीय माना जाएगा।
