Dharamshala, Rahul-:मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुखू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सत्ता संभालते ही नशे, विशेषकर चिट्टा के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का संकल्प लिया था। उन्होंने बताया कि पिछले पाँच वर्षों से एक सशक्त कानून लागू होने की प्रतीक्षा में था, लेकिन युवाओं को चिट्टा-मुक्त करने के लक्ष्य के साथ इस कानून को अब प्रभावी बनाया गया है।
सीएम सुखू ने कहा कि चिट्टा खासकर युवाओं को दलदल में धकेल रहा है। युवा पीढ़ी शुरुआत खुद नहीं करती तस्कर उन्हें फँसाते हैं। इसी सोच के साथ हमने शिमला से पहला वाॅकाथाॅन शुरू किया और अब यह जनजागरण अभियान पूरे प्रदेश के जिला मुख्यालयों से आगे बढ़ेगा। धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रम में सीएम ने स्पष्ट किया कि चिट्टा-मुक्त अभियान को बड़ा जन आंदोलन बनाने का लक्ष्य है।
पंचायतों का रेड-येलो-ग्रीन वर्गीकरण
सुखू ने बताया कि पूरे प्रदेश में पंचायतों को तीन श्रेणियों रेड, येलो और ग्रीन में बांटा गया है। जहाँ चिट्टा का चलन अधिक है, उन्हें रेड जोन में रखा गया है। इन पंचायतों में विशेष टीमें गठन की जा रही हैं, बोर्ड लगाए जाएंगे और नशे में फंसे युवाओं के पुनर्वास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ सजा देने का मामला नहीं है। हमारा दायित्व है कि जो युवा गलत रास्ते पर चले गए हैं, उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाया जाए। कई माता-पिता डर के कारण सामने नहीं आते, लेकिन सरकार उनकी मदद के लिए तैयार है।
सूचना देने वालों को इनाम
सरकार ने चिट्टा सूचना योजना की भी घोषणा की है। इसके तहत 2 ग्राम चिट्टा की सूचना पर 10 हजार रुपए का इनाम। 5 ग्राम की सूचना पर 25 हजार रुपये का इनाम 25 ग्राम तक 50 हजार रुपए,1 किलो की सूचना देने पर 5 लाख रुपये तक का इनाम और एक किलो से ऊपर 10 लाख रुपए ईनाम देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति नशे के बड़े नेटवर्क को पकड़ाएगा उसे 5 लाख रुपए तक की ईनामी राशि दी जाएगी।उन्होंने कहा कि ईनाम की राशि 30 दिनों के भीतर दी जाएगी
सूचना देने के लिए 112 नंबर जारी किया गया है
सीएम ने कहा कि 112 पर सूचना देना भी हमारी जिम्मेदारी है। समाज ने हमें बहुत कुछ दिया है, और समाज को लौटाना भी हमारा फर्ज है।
बड़ी कार्रवाई 46 करोड़ की संपत्ति जब्त
मुख्यमंत्री ने बताया कि चिट्टा कारोबार से कमाई गई करीब 46 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की जा चुकी है। कई तस्करों को जेल भेजा गया है और किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि नए कानून में चिट्टा बेचने वालों को 10 साल तक की सजा का प्रावधान रखा गया है। कानून को राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए भेजा गया है और मंजूरी मिलते ही हिमाचल में लागू हो जाएगा।
पुनर्वास पर विशेष ध्यान
सीएम ने बताया कि कोटला बेहड़ में करीब 150 बीघा भूमि में सरकार युवाओं के पुनर्वास के लिए एक बड़ा संस्थान स्थापित किया जा रहा है। हमारा मकसद केवल चिट्टा रोकना नहीं, बल्कि युवाओं का भविष्य बचाना है।सीएम ने मंत्रिमंडल, विधायकों, प्रशासनिक अधिकारियों, डीजीपी और पुलिस बल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह अभियान तभी सफल होगा जब पूरा समाज इसमें साथ आए। चिट्टे के खिलाफ लड़ाई सिर्फ सरकार की नहीं, 75 लाख हिमाचलवासियों की है। हम हर जिला, हर विधानसभा क्षेत्र, हर पंचायत में जाकर जागरूकता बढ़ाएंगे।सुखू ने दोहराया कि चिट्टा बेचने वाला चाहे कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो, उसे छोड़ा नहीं जाएगा।
जनांदोलन का स्वरूप
