Shimla,1 December-:शिमला जिले में सुरक्षा व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए जिला दंडाधिकारी अनुपम कश्यप ने बाहरी राज्यों से आने वाले प्रवासी मजदूरों, रेहड़ी-फेरी लगाने वालों और अस्थायी रूप से रह रहे कामगारों के लिए पुलिस थाने में अनिवार्य सूचना एवं पहचान सत्यापन की प्रक्रिया लागू कर दी है। यह आदेश जिले में बढ़ती गतिविधियों और सुरक्षा से जुड़ी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तत्काल प्रभाव से जारी किया गया है।
जारी अधिसूचना के अनुसार, जिले में किसी भी नियोक्ता, व्यापारी या ठेकेदार को तब तक किसी प्रवासी मजदूर को किसी भी प्रकार के अस्थायी, गैर-औपचारिक कार्य या सेवा में नियुक्त करने की अनुमति नहीं होगी, जब तक संबंधित मजदूर अपना पूरा व्यक्तिगत विवरण और एक पासपोर्ट आकार का फोटो निकटतम पुलिस स्टेशन में जमा न कर दे। थाना प्रभारी द्वारा पहचान और पृष्ठभूमि सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद ही उन्हें कार्य पर लगाया जा सकेगा।इसी प्रकार, किसी भी प्रवासी मजदूर या रेहड़ी-फेरी वाले को शिमला पहुंचते ही स्वयं भी अपने निवास, कार्य के उद्देश्य और गतिविधियों की सूचना पुलिस को देनी होगी। यह व्यवस्था उन सभी पर लागू होगी, जो किसी प्रकार का स्वरोजगार शुरू करना चाहते हैं या अस्थायी रूप से काम की तलाश में जिले में आते हैं।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने पर मजदूर और नियोक्ता – दोनों पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। तत्कालिक परिस्थितियों को देखते हुए यह आदेश एक्स-पार्टी जारी किया गया है और 1 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक प्रभावी रहेगा। प्रशासन ने सभी नागरिकों और संस्थानों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि जिले की सुरक्षा सुनिश्चित करने में यह कदम आवश्यक है।
