प्रदर्शन को सीटू के राज्य अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा,जिला कोषाध्यक्ष बालक राम, सचिव विवेक कश्यप, रंजीव कुठियाला, किसान नेता जयकृष्ण शास्त्री तथा सुन्नी डैम हाइड्रो प्रोजेक्ट वर्कर्स यूनियन के प्रधान ओमप्रकाश, महासचिव प्रेम प्रकाश सहित हेमराज, टेकचंद, ज्ञानी, सतीश, नेक चंद, जितेंद्र, पारस, देवेंद्र पाल, भूपेंद्र, संदीप, विनोद, केशव राम, राकेश, नमन, रिंकू, रमेश, कैलाश और संजू आदि ने संबोधित किया।नेताओं ने आरोप लगाया कि कंपनी ने तीन मजदूरों की गैर-कानूनी तरीके से छंटनी की है, जो श्रम कानूनों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि मजदूरों ने 22 अगस्त 2025 को हुए समझौते को लागू करवाने की मांग पर आंदोलन शुरू किया है, लेकिन कंपनी ने अभी तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
सीटू नेताओं ने चेतावनी दी कि छंटनी किए गए मजदूरों को तुरंत काम पर वापस लिया जाए, प्रत्येक माह की 7 तारीख से पहले सभी मजदूरों को समय पर वेतन दिया जाए और मैस व सुरक्षा गार्ड की भर्ती स्थानीय मजदूरों में से की जाए। साथ ही सभी श्रमिकों को पीएफ सुविधा उपलब्ध करवाई जाए और लंबित बोनस तत्काल दिया जाए।नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि कंपनी ने मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो मजदूर व्यापक ट्रेड यूनियन आंदोलन छेड़ने के लिए बाध्य होंगे। मजदूरों ने कहा कि न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।
