राकेश, ऊना: भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान ऊना ने 1 सितंबर से 15 सितंबर तक स्वच्छता पखवाड़ा बड़े धूमधाम से मनाया। इस दौरान आउटरीच गतिविधियों के साथ-साथ संस्थान स्तर पर विभिन्न गतिविधियों को अंजाम दिया गया। स्वच्छता पखवाड़ा समारोह की शुरुआत पर संस्थान के निदेशक ने कर्मचारियों और संकाय सदस्यों को स्वच्छता प्रतिज्ञा और राष्ट्रीय प्रतिज्ञा दिलाई। उन्होंने संस्थान के सभी हितधारकों से परिसर के अंदर और बाहर पर्यावरण को स्वच्छ रखने की अपील की और स्वच्छ वातावरण प्राप्त करने के लिए स्वच्छता गतिविधियों को जीवन के एक हिस्से के रूप में अपनाने की सलाह दी।
इस पखवाड़े के दौरान पूरे परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया गया जिसमें सभी छात्रों, कर्मचारियों और संकाय सदस्यों ने भाग लिया ओर अपशिष्ट पदार्थों का संग्रहण एवं निस्तारण उचित ढंग से किया गया। 16 छात्रों और 5 स्टाफ सदस्यों से बनी संस्थान टीम ने प्रदूषण मुक्त वातावरण के महत्व के बारे में स्थानीय लोगों को जागरूक करने के लिए भदशाली गांव का दौरा किया। टीम ने ग्राम पंचायत प्रमुख, उनकी टीम के सदस्यों और स्थानीय लोगों से बातचीत की। संकाय सदस्यों ने स्थानीय लोगों को पर्यावरणीय मुद्दों और संभावित समाधानों के बारे में एक संक्षिप्त व्याख्यान दिया।
स्थानीय लोगों को प्लास्टिक मुक्त पर्यावरण के बारे में जागरूक किया गया, और उनसे सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने और प्लास्टिक जलाने की प्रथा को रोकने का अनुरोध किया क्योंकि प्लास्टिक के धुएं से कैंसर और अन्य बीमारियों के लिए जिम्मेवार जहरीले रसायनों का उत्सर्जन हो सकता है। स्थानीय लोगों को भी वृक्षारोपण अभियान के लिए प्रेरित किया गया और उन्हें हर साल कम से कम 10 पौधे उगाने के लिए प्रोत्साहित किया।
बड़े पैमाने पर जनता को स्वस्थ स्वच्छता की आदतों का पालन करने के लिए कहा गया और स्थानीय लोगों, विशेष रूप से बच्चों से पानी के संक्रमण से बचने के लिए हाथ धोने का आग्रह किया, जिससे इस बरसात के मौसम में टाइफाइड और पेचिश की समस्या हो सकती है। संस्थान ने शिक्षा मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार विभिन्न सामाजिक-आर्थिक मुद्दों से संबंधित समाज के लाभ के लिए स्वच्छता पखवाड़ा के तहत विभिन्न गतिविधियों को लागू किया।
