अनिल कुमार, किन्नौर: कम्बा व छोटा-कम्बा ग्राम पंचायत में हिमाचल प्रदेश वन विकास निगम के उपाध्यक्ष सूरत नेगी ने विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं के लोकार्पण व शिलान्यास किए। सूरत नेगी ने राजकीय उच्च पाठशाला बड़ा कम्बा का शिलान्यास किया। उन्होंने बड़ा कम्बा में सामुदायिक भवन नजदीक उषा माता मंदिर की आधारशीला भी रखी। उन्होेंने ग्राम पंचायत छोटा कम्बा के देवखग में महिला मंडल भवन की आधारशीला भी रखी।
इस अवसर पर सूरत नेगी ने कहा कि गत साढ़े चार वर्षों के दौरान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार ने जनजातीय जिला किन्नौर का समग्र विकास सुनिश्चित बनाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं व कार्यक्रम आरंभ किए गए हैं। प्रदेश में आज ऐसा कोई भी व्यक्ति नहीं है जो मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली सरकार की ओर से आरंभ की गई किसी न किसी योजना से लाभांवित हुआ हो।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कुशल नेतृत्व में किन्नौर जिला में हर क्षेत्र में विकास सुनिश्चित हुआ है ओर विकास के कई क्षेत्रों में आज किन्नौर जिला प्रदेश में अग्रणी जिला बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत गत साढ़े 4 वर्षों के दौरान 385 करोड़ 56 लाख रुपये जारी किए गए जबकि वर्ष 2022-23 के लिए 138 करोड़ 22 लाख रुपए के बजट को मंजूरी दी गई है। गत साढ़े चार वर्षों के दौरान जिले में सड़क एवं पुल निर्माण व सड़क परिवहन के लिए 108 करोड़ 69 लाख रुपये के बजट का प्रावधान किया गया।
उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम के अंतर्गत केंद्र व प्रदेश सरकार की ओर से चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लिए गत साढ़े चार वर्षों में 42 करोड़ 16 लाख रुपएके बजट का प्रावधान किया गया। इसी प्रकार सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत गत साढ़े चार वर्षों में जिले के लिए 37 करोड़ 98 लाख रुपये के बजट का प्रावधान किया गया।
सूरत नेगी ने कहा कि जिले को गत साढ़े चार वर्षों के दौरान राज्य आपदा राहत निधि/राष्ट्रीय आपदा राहत निधि के तहत जिले की पंचायतों के लिए 1457.51 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई जिसके तहत कल्पा विकास खंड के लिए 914.89 लाख रुपए, पूह विकास खंड के तहत 416.20 लाख रुपए ओर 126.42 लाख रुपए की राशि निचार विकास खंड की ग्राम पंचायतों को प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि इसी अवधि के दौरान जिले की 73 ग्राम पंचायतों के महिला मंडलों, युवक मंडलों व अन्य विकासात्मक कार्यों के लिए 19 करोड़ रुपए की राशि व्यय की गई।
