शिमला/कमल भारद्वाज: शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने राजधानी शिमला में पत्रकार वार्ता को संबोधित करतेे हुए कहा कि पुर्ववर्ती सरकारों ने हाटी की मांग को हमेशा ही अनदेखा किया। जबकि मुख्यमंत्री सिरमौर जिला से भी रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हाटी को जनजातीय दर्जा देने से अनुसूचित जाति के अधिकारों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उनका दर्जा व आरक्षण यथावत रहेगा।उन्होंने बताया क अमित शाह ने हिमाचल में चुनाव का विजय शंखनाद कर दिया है, आज तीन नारें, एक गीत लॉन्च किया गया जो प्रदेश में भाजपा सरकार का संकल्प रहा है। हमारी सरकार ने “सच्ची सेवा, अच्छा काम फिर से भाजपा मोदी-जयराम,“ “हिमाचल से जुड़े हैं, हिमाचल के लिए खड़े हैं“ का नारा और साथ ही भाजपा सरकार का “विश्वास गीत“ भी जनता को समर्पित किया।
यह गीत “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास के संकल्प को दर्शाता है, यह गीत हिमाचल में बदलने जा रहे रिवाज की कहानी सुनाता है“। यह नारे और गीत मात्र नहीं, यह संकल्प है, जिनकी सिद्धि हमारी सरकार ने पूर्ण की है। भारद्वाज ने कहा कि जो लोग लोकतंत्र की दुहाई देते हैं वो खुद आज लोकतांत्रिक व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कांग्रेस के नेता ईवीएम की सुरक्षा पर सवाल अभी से उठाने लगे हैं, यह तैयारी है अपनी विफलता और हार को छिपाने की। कांग्रेस के नेता चुनाव से पहले ही हार मान चुके हैं इसलिए ईवीएम की सुरक्षा का रोना रो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की मानसिकता हिमाचल की सुरक्षा एजंसियों और कर्मचारियों का अपमान है। उन्होंने कहा कि राजस्थान और छतीसगढ़ में चुनाव क्या बैलेट पेपर से हुए थे? जहां-जहां कांग्रेस चुनावों में जीत हासिल करती है वहां तो ईवीएम ठीक होती है। जहां हार का सामना करती है वहां हार का दोष ईवीएम पर मढ़ देती है।
कांग्रेस कि गारंटियां व्यवहारिक नहीं
भारद्वाज ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस अनाप-शनाप गारंटियां दे रही है जो किसी भी तरह से व्यवहारिक नहीं है, क्योंकि वह जानती है कि प्रदेश की सत्ता में वापसी मुश्किल है। इसलिए लोगों को गुमराह किया जा रहा है। इनके राष्ट्रीय युवराज जिनको यह पता नहीं है कि आटा किलो में या लीटर में बिकता है और दूसरी तरफ राजकुमारी हिमाचल में पिछले 10 दिनों से विश्राम कर रहे थे क्या उन्होंने हिमाचल के कांग्रेस कार्यक्रताओं से संवाद किया है? क्या ऐसा नेतृत्व हिमाचल को सही दिशा में ले जा सकता या विकास में भागीदार बन सकता है। जबकि दूसरी तरफ केन्द्र और प्रदेश की डबल इंजन सरकार है और सुदृढ़ मोदी-जयराम नेतृत्व जिसने अपनी योजनाओं के माध्यम से हर वर्ग को लाभ पहुंचाया है। इसलिए भारतीय जनता पार्टी इस बार रिवाज बदलते हुए पुनः सत्ता में वापसी करेगी।
