संजीव महाजन,नूरपुर: सरकारी स्कूलों में शिक्षित, अनुभवी और ऊर्जावान अध्यापक है और उनमें प्रतिभा की कोई कमी नहीं हैं, लेकिन इसके बावजूद स्कूलों से बच्चों का पलायन होना गंभीर चिंतन व विचारणीय विषय हैं। इस पलायन को रोकने के लिए सभी अध्यापकों को सकारात्मक प्रयास करने की आवश्यकता हैं। यह बात बुधवार को ज्वाली विधानसभा के विश्राम गृह में ज्वाली विधानसभा क्षेत्र के हाई व सेकेंडरी स्कूल प्रमुखों के साथ आयोजित हुई बैठक में कृषि व पशुपालन मंत्री चन्द्र कुमार ने कही।
उन्होंने बैठक में स्कूल प्रमुखों सहित सभी अध्यापकों से सरकारी शिक्षण संस्थानों से बच्चों के पलायन को रोकने के साथ छात्रों की संख्या को बढ़ाने के लिए अभिभावकों ओर बच्चों के भीतर विश्वास जागृत करने के लिए विशेष प्रयास करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि अध्यापक राष्ट्र के निर्माता हैं। उनका बच्चों के भविष्य को संवारने में विशेष योगदान रहता हैं।
कृषि मंत्री चन्द्र कुमार चौधरी ने कहा कि उन्होंने अध्यापकों से कहा कि वे लग्न, ईमानदारी और मेहनत से कार्य करने के साथ शिक्षा के उच्च आदर्शों के साथ इसकी गुणवत्ता को बनाए रखने पर विशेष ध्यान दें ताकि बच्चों में मेहनत, अनुशासन और विश्वास की भावना पैदा हो सके। उन्होंने सभी अध्यापकों से अपने आप को अपडेट रख़ने का आह्वान किया ताकि उसका लाभ अध्ययनरत बच्चों को मिल सके। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है ऐसी प्रतिभाओं को निखारने की जिम्मेवारी अध्यापकों पर हैं। उन्होंने अध्यापकों से पढ़ाई में कमजोर बच्चों के लिए स्कूलों में अतिरिक्त समय देने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
प्रो. चन्द्र कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा और बच्चों के भविष्य संवारने की दिशा में पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही हैं। राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए वचनबद्ध है और स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं को सुधारने के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाकर शिक्षा क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा क्षेत्र के सभी शिक्षण संस्थानों में आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाने सहित कमियों को शीघ्र दूर करने के लिए शिक्षा ओर लोक निर्माण विभाग सहित सभी विभागीय अधिकारियों के साथ शीघ्र ही बैठक आयोजित की जाएगी। उन्होंने सभी अध्यापकों से अपने-अपने स्कूलों को प्रदेश का अव्वल शिक्षण संस्थान बनाने की दिशा में कार्य करने पर भी बल दिया।
