अरविंदर सिंह, हमीरपुर: किशोरी मेले बालिकाओं को अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने के लिए बेहतरीन मंच प्रदान करते हैं। ये मेले किशोरियों को जीवन शिक्षा देकर उन्हें न केवल भावी जीवन के लिए परिपक्व बनाते हैं अपितु उनके उत्साह एवं आत्मविश्वास में वृद्धि कर उन्हें उच्चस्तरीय नेतृत्व करने के लिए भी तैयार करते हैं। यह बात बाल विकास परियोजना अधिकारी सुजानपु कुलदीप सिंह चौहान ने डूहक में आयोजित किशोरी मेले की अध्यक्षता करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन बालिकाओं को अपनी दक्षताओ, क्षमताओं, सृजनात्मक कौशल, ज्ञान और अनुभवों को सांझा करने का अवसर प्रदान कर उन्हें भावी जीवन में आने वाली कठिनाइयों का सामना करने और उपलब्ध संभावनाओं को अवसरों में बदलने की कला प्रदान करते है।
उन्होंने कहा कि किशोरी मेलों के आयोजन का उद्देश्य बालिकाओं विशेषकर ग्रामीण परिवेश और परिदृश्य में रह रही बालिकाओं के जीवन कौशल को निखार कर उन्हें सकारात्मक युवा विकास के 6C से जोड़ना है। ये 6C है- Confidence अर्थात आत्मविश्वास, Care अर्थात सेवा, Connection अर्थात संपर्क या जुड़ाव, Character अर्थात चरित्र, Competence अर्थात क्षमता तथा Contribution अर्थात योगदान जो वे नए भेदभाव रहित विश्व के निर्माण के लिए दे सकती हैं। ये गुण न केवल व्यक्तिगत विकास के नए आयामों के मार्ग प्रशस्त करते हैं अपितु भविष्य के ऐसे नागरिकों का भी रोपण करते हैं जो स्वयं के साथ-साथ परिवार, समुदाय और समाज के उत्थान में भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर उनकी भी विकास का मार्ग प्रशस्त करते है।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि युवाओं में वांछित वे गुण जो उन्हें जीवन में आगे ले जाते हैं वे वास्तव में अनौपचारिक शिक्षा के ऐसे ही उदार परिवेश में ही और रोपित हो सकते हैं जो अपनत्व और संबद्धता का अहसास दिलाए और प्रवीणता हासिल करने का समुचित समय और अवसर प्रदान करे। किशोरी मेले ऐसे ही अवसर और परिवेश प्रदान करते हैं। किशोरी मेलों का आयोजन वस्तुतः उन्हें सामाजिक व्यवहार परिवर्तन संचार का महत्वपूर्ण उपकरण बनाने तथा बालिकाओं में सामूहिक नेतृत्व के विकास के लिए अवसर प्रदान करने की बृहद प्रयास का ही भाग है।
इस अवसर पर किशोरियों के लिए मेहंदी प्रतियोगिता, नृत्य प्रतियोगिता, रंगोली प्रतियोगिता एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। मेहंदी में पायल, रंगोली में दीक्षा, चित्रकला में पायल और नृत्य कला में आस्था का समूह प्रथम रहा। किशोरी मेले में लगभग 100 किशोरियों ने भाग लिया।
