Shimla, 11 September –राष्ट्रीय न्यास अधिनियम, 1999 के तहत गठित स्थानीय स्तरीय समिति की बैठक आज यहां उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में मानसिक मंदता, स्वलीनता, प्रमस्तिष्क क्षति एवं बहुविकलांगता से ग्रस्त दिव्यांगजनों को कानूनी संरक्षण उपलब्ध करवाने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में तीन दिव्यांगजनों को कानूनी संरक्षक नियुक्त करने की अनुमति प्रदान की गई। वहीं, चार मामलों में पूर्व कानूनी संरक्षक के निधन के चलते नए संरक्षक नियुक्त करने की स्वीकृति भी दी गई।उपायुक्त कश्यप ने निर्देश दिए कि दिव्यांगजनों के कानूनी संरक्षक के आकस्मिक निधन की स्थिति में तहसील कल्याण अधिकारी शीघ्रता से नए संरक्षक नियुक्ति की प्रक्रिया पूर्ण करें, ताकि दिव्यांगजन किसी असुविधा का सामना न करें।उन्होंने सभी तहसील कल्याण अधिकारियों को आदेश दिए कि आगामी जिला स्तरीय बैठक से पहले कानूनी संरक्षक प्राप्त दिव्यांगजनों के घरों का औचक निरीक्षण करें और उनकी देखभाल संबंधी रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय को भेजें। उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता है कि सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं का लाभ हर दिव्यांगजन तक पहुंचे तथा उनकी समस्याओं का शीघ्र निराकरण किया जाए।
जिला शिमला में अब तक कुल 127 दिव्यांगजनों को कानूनी संरक्षक नियुक्त किए जा चुके हैं। इनमें शिमला ग्रामीण में 11, शिमला शहरी में 38, जुब्बल में 5, कुमारसैन में 10, कोटखाई में 8, रोहड़ू में 6, चौपाल में 11, रामपुर में 4, ठियोग में 16, सुन्नी में 9, चिड़गांव में 5 और ननखड़ी में 4 मामले शामिल हैं।बैठक में जिला कल्याण अधिकारी कपिल शर्मा सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
