अरविंदर सिंह,हमीरपुर: करीब तीन साल बाद एनआईटी हमीरपुर के परिसर में स्थित 26 दुकानों के लिए टेंडर करने का मामला गर्मा गया हैं। टेंडर अवार्ड होने के बाद भी पिछले 17 दिन से बंद चल रही दुकानों को अभी खोलने के आदेश संस्थान प्रबंधन ने जारी नहीं किए हैं। एनआईटी की ओर से अंदर खाते करवाई की गई हैं। टेंडर प्रक्रिया से परेशान होकर अब ठेकेदारों ने मोर्चा खोलते हुए एनआईटी प्रबंधन के प्रति रो+ष व्यक्त किया हैं। मंगलवार को एनआईटी गेट पर एकत्र होकर ठेकेदारों ने मीडिया के सामने अपनी बात रख कर न्याय की गुहार लगाई हैं।
मुबई के एक ठेकेदार विनोद ठाकुर ने संस्थान के निदेशक को पत्र लिखकर टेंडर आंवटन प्रकिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि बीते दस सालों से अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए टेंडर प्रक्रिया में गोलमाल किया जाता हैं। उन्होंने बताया कि इस बारे में विजीलेंस में भी शिकायत दी हैं। उन्होंने कहा कि 26 टेंडरों के लिए पूरी तरह से धांधली हुई है और टेंडर प्रक्रिया के लिए अपने चहेतों को टेंडर दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि सभी ठेकेदार एनआईटी प्रबंधन से पूरी तरह से दुखी हो चुके है और धोखे से टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई हैं, जिसका सभी ठेकेदार विरोध कर रहे हैं।
शशि कुमार चौहान ने बताया कि एनआईटी में पिछले महीने में दुकानों के आवंटन के लिए टेंडर मांगे थे जिसमें टेंडर डालने के बाद अगले दिन खुलने थे लेकिन कोओडिनेटर रजनीश ने कोई बहाना बनाकर टेंडर न खोलने की बात कही। वहीं 15 दिन बीतने के बाद भी टेंडर के बारे में जबाव न आने पर पता चला कि टेंडर खुल गए हैं। उन्होंने बताया कि बाद में फोन आने पर बुलाने पर यह बताया कि किसी और ने कम रेट में टेंडर को दे दिया हैं। उन्होंने कहा कि टेंडर प्रक्रिया को किस के सामने पूरा किया है इस बात को बताया जाए।
विनोद कुमार ने बताया कि एनआईटी में टेंडर प्रक्रिया में धांध+ली हुई है और टेंडर मानकों पर नहीं दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि टेंडर प्रक्रिया में पूरी तरह से पारदर्शिता नहीं बरती गई हैं।
