बिलासपुर : सुभाष ठाकुर – शिमला-मटाैर फोरलेन से प्रभावित होने वाले नम्होल से लेकर ब्रह्मपुखर तक के लोगों के एक शिष्टमंडल ने अधिवक्ता सरपाल ठाकुर व नयनादेवी युकां के ब्लाक अध्यक्ष कुलबीर भड़ोल की अगुवाई में उपायुक्त से मुलाकात की और उन्हें अपना ज्ञापन दिया।ज्ञापन में कहा गया है कि उन लोगों के मकान, दुकान व जमीनें इस फोरलेन की जद में आ रही हैं। इसके लिए सर्वे का कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन भू अर्जन अधिकारी द्वारा अभी तक उनकी दुकानों, मकानों व जमीनाें का आकलन सही तरीके से नहीं किया गया है।
अधिकांश लोगों ने जमीनें खरीद कर अपनी दुकानें और मकान बनाए हैं।इसके लिए उन्होंने काफी राशि खर्च की है।एक व्यक्ति ने 18 बिस्वा जमीन खरीदकर वहां पर अपनी दुकान और मकान बनाया है। इस पर उसने 20 लाख रुपये की राशि खर्च की है। इसकी कीमत आज भी भू अर्जन अधिकारी ने 20 लाख रुपए ही लगाई है, जबकि मौजूदा रेट के अनुसार इसकी कीमत एक करोड़ रुपए बनती है। किसी गांव में जमीन की कीमत 35 लाख रुपये बीघा निर्धारित की गई है तो साथ लगते दूसरे गांव में इसकी कीमत नौ लाख रुपये बीघा लगाई है। इसके अतिरिक्त कुछेक मकान आधे ही अधिगृहित किए जा रहे हैं। इससे ग्रामीणों को काफी परेशानी झेलनी पड़ेगी। आधा मकान किसी काम का नहीं रहेगा और इसे तोड़ते समय यह पूरा ही खराब हो जाएगा। कुछेक जगह पर लोगों की जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है, लेकिन उनके मकान छोड़ दिए गए हैं। बिना आंगन के यह मकान बेकार हो जाएंगे। जमीनों और मकानों का आंकलन मौके पर नहीं किया गया है, जोकि गलत है।
कंपनसेशन एक्ट 2013 के तहत मुआवजा निर्धारित किया जाए
जिला प्रशासन से मांग की है कि उनके मकानों, दुकानों और जमीनों का आकलन मौके पर जाकर किया जाए और कंपनसेशन एक्ट 2013 के तहत मुआवजा निर्धारित किया जाए ताकि लोगों को न्याय मिल सके।
