राहुल चावला, कांगड़ा: सोशल मीडिया पर ठगों का एक समूह भोले-भाले लोगों को ऐसे ही कई योजना का लालच देकर अपना शिकार बनाता है। समय-समय पर ऐसे सरकारी योजनाओं के बारे में अफवाह फैलाई जाती है, जिसे वास्तव में सरकार चलाती ही नहीं है। इन योजनाओं के सरकार के नाम से चलाने और भारी राहत के लालच में आकर अक्सर लोग फंस जाते हैं। प्रदेश में आए दिन साइबर क्राइम से जुड़े मामले सामने आ रहे हैं।
अब सरकारी योजना और इंश्योरेंस के नाम पर 20 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। इस संबंध में साइबर थाना धर्मशाला में एफआईआर दर्ज की गई है। प्रदेश में बढ़ते साइबर क्राइम के मामलों से निपटने के लिए सरकार की ओर से विभिन्न क्षेत्रों में साइबर थाना खोले गए हैं। इसी कड़ी में धर्मशाला नार्थन रेंज में साइबर थाना खोला गया है, जिसके तहत कांगड़ा, नूरपुर, चंबा व ऊना जिला आते हैं, जिसमें साइबर क्राइम के तहत 2 एफआईआर दर्ज हो चुकी है।
एक एफआईआर सरकारी योजना के तहत 9 लाख रुपए की ठगी की है, जबकि दूसरी एफआईआर इंश्योरेंस के नाम पर 11 लाख रुपए की ठगी की है। यही नहीं साइबर थाना में प्रतिदिन साइबर क्राइम संबंधी आधा दर्जन से अधिक शिकायतें पहुंच रही हैं। साइबर विशेषज्ञों की मानें तो टेक्नोलॉजी जितनी सरल होती जा रही है, उसका फायदा शातिर उठा रहे हैं। यही नहीं शातिर पहले लोगों को अपने विश्वास में लेते हैं, जब लोगों का विश्वास जीत लेते हैं तो उन्हें ठगी का शिकार बनाते हैं। वहीं एक्सपर्ट बताते हैं कि कोई भी बैंक या सरकारी एजेंसी, संस्थान या अकाउंट को लेकर कस्टमर से संपर्क नहीं करते। साइबर ठगी से बचने के लिए 6 नंबर का ओटीपी किसी से भी शेयर न करें।
एडिशनल एसपी, साइबर थाना नार्थन रेंज धर्मशाला
हितेश लखनपाल ने बताया कि साइबर थाना नार्थन रेंज धर्मशाला में साइबर क्राइम के तहत 2 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। इसमें एक सरकारी योजना की एवज में 9 लाख और इंश्योरेंस के नाम पर 11 लाख रुपए की ठगी की एफआईआर शामिल है। प्रतिदिन थाना में 7 से 8 शिकायतें प्रतिदिन आ रही हैं। थाना की ओर से सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
सोशल मीडिया से जागरूकता
साइबर थाना नॉर्थन रेंज धर्मशाला की ओर से सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को साइबर क्राइम से बचने बारे जागरूक किया जा रहा है, जिसके तहत जहां साइबर ज्ञान अभियान शुरू किया गया है। वहीं पहाड़ी भाषा में चिंटू-मिंटू की साइबर गपशप नाम से कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसके अतिरिक्त स्कूलों व कालेजों में भी जागरूकता अभियान चलाने की थाना अधिकारियों की योजना है।
