कुल्लू : मनमिंन्द्र अरोड़ा -चीन के द्वारा तिब्बतियों के धर्मगुरु पंचेन लामा को जब से अपने कब्जे में लिया गया है। तब से उनके बारे में कोई भी जानकारी सामने नहीं आ पाई है। ऐसे में पंचेन लामा को अब चीन सरकार को रिहा करना चाहिए। इसी मांग को लेकर जिला कुल्लू का मुख्यालय ढालपुर में तिब्बती महिलाओं के द्वारा कैंडल मार्च निकाला गया। वहीं डीसी कार्यालय के बाहर भी महिलाओं ने शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया।
तिब्बती महिला पासंग ने बताया कि कथित तौर पर चीन की हिरासत में चल रहे 11वें पंचेन लामा की रिहाई की मांग उठाई जा रही है। छह वर्षीय बालक गेधून ज्यूकि नीमा जिन्हें दलाई लामा की ओर से 11वें पंचेन लामा की उपाधि दी गई थी। इन्हें उपाधि मिलने के महज तीन दिन बाद ही चीन सरकार की ओर से कथित तौर पर परिवार सहित अगवा कर लिया गया था और तब से लेकर आजतक वह चीन सरकार के कब्जे में हैं। तिब्बतियों सहित अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पंचेन लामा की रिहाई व उनके सकुशल होने संबंधी कई मर्तबा चीन सरकार से आग्रह किया गया है। लेकिन चीन सरकार इस बाबत कोई सकारात्मक रुख सामने नहीं ला रही है। कैंडल मार्च में शामिल महिलाओं का कहना है कि इस बारे चीन से कोई जानकारी नहीं मिल रही है। वही, तिब्बती समुदाय के लोगों ने मांग उठाई की 11वें पंचेन लामा के संबंध में चीन अपनी स्थिति स्पष्ट करे और उन्हें रिहा किया जाए।
