बीबीएन/जगत सिंह: नालागढ़ के डिग्री कॉलेज रामशहर के निर्माण को लेकर पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह ने नींव पत्थर तो रख दिया था, लेकिन इसके पांच साल बाद भी कॉलेज का निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। कॉलेज के निर्माण में देरी को लेकर रामशहर के लोगों व कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं में खासा रोष देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि जल्द ही रामशहर डिग्री कॉलेज का निर्माण करवाया जाए नहीं तो ग्रामीण एकत्रित होकर आंदोलन का रास्ता अख्तियार करने को मजबूर होंगे। बता दें कि रामशहर कॉलेज में ना तो बिल्डिंग की कोई व्यवस्था है और ना ही बच्चों के बैठने उठने के लिए कोई प्रबंध किए गए हैं। कॉलेज में शिक्षक भी कम है। वही ये कॉलेज सरकारी स्कूल के दो कमरों में चल रहा है।
जयराम सरकार के कार्यकाल में भी नही हुआ काम
पिछले 5 सालों की बात की जाए तो जयराम सरकार ने अंतिम छह माह में दर्जनों कॉलेजों, स्कूलों को अपग्रेड कर घोषणाएं और नोटिफिकेशन तो जारी कर दी, लेकिन जिस हिसाब से कॉलेज और स्कूलों व कॉलेजों में सुविधाएं होनी चाहिए, वे सुविधाएं नहीं है। कॉलेज में करीबन 100 से ज्यादा छात्र छात्राएं पढ़ रही हैं। सुविधाओं की कमी से विद्यार्थियों को पढ़ने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वहीं दूसरी और उनकी शिक्षा पर भी असर पड़ रहा है।
आंदोलन की दी चेतावनी
कॉलेज की निर्माण को लेकर जब हमने लोगों से बात की तो उन्होंने कहा है कि पूर्व में कांग्रेस की सरकार द्वारा कॉलेज के निर्माण के लिए 12 करोड़ का प्रावधान रखा गया था। कॉलेज के निर्माण के लिए भवन की ड्राइंग भी तैयार कर दी गई है और जमीन कॉलेज के नाम हो चुकी है, लेकिन उसके बावजूद भी कॉलेज के निर्माण में देरी हो रही है। अब तक कॉलेज का निर्माण शुरू नहीं किया गया है। उन्होंने सरकार को चेतावनी देकर कहा है कि अगर जल्द ही कॉलेज का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन पर जाने को मजबूर होंगे।
