किन्नौर (एकता): आंखों से कम दिखने और दुखते घुटनों के बावजूद भारत के प्रथम मतदाता श्याम सरन नेगी का मतदान के लिए जज्बा आज भी बरकरार है। उनका जन्म 1 जुलाई 1917 को किन्नौर के कल्पा में हुआ था। नेगी स्वतंत्र भारत के पहले मतदाता हैं।

मीडिया सूत्रों के अनुसार 106 साल के बावजूद भी किन्नौर जिले में 12 नवंबर को मतदान केंद्र पर पहुंचकर वह वोट डालेंगे। वह घर से नहीं बल्कि मतदान केंद्र पर जाकर अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। बता दें कि चुनाव आयोग ने इस बार घर से ही बुजुर्गो के मतदान के लिए व्यवस्था की है। लेकिन श्याम सरन नेगी घर से नहीं मतदान केंद्र पर जाकर वोट डालना चाहते हैं।

इस बार भी प्रशासन रेड कारपेट बिछाकर उनका स्वागत करेगा। श्याम सरण नेगी केवल किन्नौर, हिमाचल ही नहीं बल्कि देश के आइकॉन हैं। युवाओं को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। वहीं मतदान केंद्र तक पहुंचाने की व्यवस्था भी प्रशासन की ओर से की जाएगी।
