अनिल कुमार,किन्नौर: प्रदेश के देश के प्रथम मतदाता मास्टर श्याम शरण नेगी इन विधानसभा चुनावों में भी अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। भले ही वो घर पर रहकर मतदान करें या फिर मतदान केंद्र जाए लेकिन यह तय है कि वह अपने मतदान का प्रयोग अवश्य करेंगे। देश के प्रथम मतदाता अपने उम्र के 106 वर्ष के पड़ाव को पार करने वाले है,लेकिन उनका लोकतंत्र के महापर्व में अपने मत का प्रयोग करने का जोश आज भी वैसा ही है जैसा वर्ष 1952 में था जब उन्होंने पहली बार मतदान किया था।
देश के प्रथम मतदाता श्याम शरण नेगी अब उम्र के जिस पड़ाव पर हैं तो उनकी उम्र को देखते हुए उन्हें किसी तरह की परेशानी ना हो और वह अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके इसके लिए प्रशासन की ओर से भी पूरे इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन ने उनके मत प्रयोग के लिए दो व्यवस्थाएं रखी है। यदि मास्टर श्याम शरण नेगी की तबीयत ठीक रहती है तो वह मतदान केंद्र में जाकर अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे और वहां प्रशासन की ओर से रेड कारपेट पर उनका स्वागत किया जाएगा।वहीं अगर उनकी तबियत सही नहीं रहती है तो उन्हें घर पर जाकर ही प्रशासन की ओर से उनका वोट दिलवाया जाएगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी आबिद हुसैन सादिक ने बताया कि जिला के कल्पा में देश के प्रथम मतदाता मास्टर श्याम सरन नेगी इस विधानसभा चुनावों में भी अपने मत के प्रयोग के लिए दोबारा तैयार है। उन्होंने प्रशासन से मतदान केंद्र में जाकर मत प्रयोग करने को हामी भरी है, लेकिन प्रशासन उनकी तबियत के हिसाब से उनके लिए मतदान की सुविधा मुहैया करवाएगा। यदि उनकी तबियत सही रही तो प्रशासन उनका उनके मतदान केंद्र पर रेड कारपेट पर स्वागत करेगा और वे अपने मत का प्रयोग करेंगे। वहीं अगर उनकी तबियत ठीक नहीं हो तो उनका मत घर पर ही प्रशासन की निगरानी मे होगा।
आबिद हुसैन ने कहा कि देश के प्रथम मतदाता मास्टर श्याम सरन नेगी ने वर्ष 1952 से लेकर अबतक हर चुनावों में अपने मत का प्रयोग किया है और उनका जोश आज भी कम नहीं हुआ है। आज भी वे अपने मत के प्रयोग के लिए उत्सुक दिखते है। वहीं इस बार उनके मतदान के दौरान प्रशासन के अधिकारी उनके साथ खड़े होने पर भी गर्व महसूस करेगा क्योंकि लोकतंत्र के महापर्व में अपनी उम्र के इस पड़ाव पर भी लोगों को मतदान करने के लिए वह प्रेरित कर रहे है जो किन्नौर जिला के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि इतनी ठंड में बुजुर्ग अवस्था में घर से 2 किलोमीटर दूर मतदान केंद्र तक जाकर मत प्रयोग करना भी किसी अचंभे से कम नहीं है।
