मनमिन्दर अरोड़ा/कुल्लू: भाजपा के वरिष्ठ नेता महेश्वर सिंह राज परिवार से तालुक रखते है। महेश्वर सिंह एक अकेले ऐसी शख्सियत है जिनकी पहचान राजनीति और धर्म कर्म से है। राज परिवार से राजनीति में आए महेश्वर सिंह दो बार सांसद ओर दो बार विधायक भी रह चुके है । इसके अलावा उन्हें एक बार राजसभा के लिए भी चुनकर भेजा जा चुका है। महेश्वर सिंह को इस बार कुल्लू सीट से भाजपा का प्रबल उम्मीदवार माना जा रहा है।

इस तरह रहा राजनीति का सफर
महेश्वर सिंह ने 1972 में कुल्लू नगर पालिका के सदस्य बन राजनीति में आने का रास्ता चुना। बाद में वे जनता पार्टी में आए और जनता पार्टी विधायक दल के महासचिव रहे। उन्होंने प्रदेश भाजपा का दायित्व भी दो बार संभाला। वहीं 1977 में पहली बार विधायक चुने गए। इसके बाद 1982 में दोबारा चुने गए। 1992 मेें राज्य सभा के लिए चुने गए। महेश्वर सिंह 1989 में नवीं लोकसभा के सदस्य चुने गए। 1999 में उन्होंने लोकसभा का फिर चुनाव जीता। उसके बाद महेश्वर सिंह ने भाजपा को अलविदा कह कर हिमाचल लोकहित पार्टी गठित का गठन किया। महेश्वर सिंह ने 2012 का चुनाव हिमाचल लोकहित पार्टी के बैनर तले लड़ा व जीता भी। इसके बाद हिलोपा का भाजपा में विलय कर अपनी घर वापसी की है। 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में महेश्वर सिंह को कांग्रेस के प्रत्याशी सुंदर सिंह ठाकुर से 1538 मतों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा । वही अब 2022 के विधानसभा चुनाव में वे भाजपा के अनुभवी व प्रबल दावेदार है।

देव समाज मे भी महेश्वर सिंह की अच्छी पकड़
महेश्वर सिंह प्रदेश के पहले ऐसे राजनेता हैं जो धर्म कर्म में पूरी आस्था रखते हैं। महेश्वर सिंह कुल्लू राज परिवार से हैं व आज भी अपना दायित्व निभा रहे हैं। वे कुल्लू के अधिष्ठाता देव भगवान रघुनाथ के छडिबदार है।जिसके चलते देव समाज मे भी महेश्वर सिंह की अच्छी पकड़ है। 73 वर्षीय महेश्वर सिंह के दो बेटे हैं। साइंस में स्नातक महेश्वर सिंह का जन्म बैंगलोर में हुआ। उन्होंने सोलन व चंडीगढ़ में अपनी शिक्षा पूरी की। उनके दो बेटे हैं।
