कुल्लू : मनमिंदर अरोड़ा – जिला कुल्लू की धार्मिक नगरी मणिकर्ण का ब्रेऊना गांव अब भूस्खलन के कारण खतरे की जद में आ गया है। गांव में भूस्खलन से बड़ी-बड़ी दरारें आ गई है और गांव के छह मकान, मंदिर व स्कूल पूरी तरह झुक गए हैं। गांव की स्थिती अब गिरा की तब गिरा की हो गई हैं और लोगों ने मकान खाली कर रिश्तेदारों के घर शरण ले ली है।
गांव वासियों ने रिश्तेदारों के घर ली शरण
गांव के प्रभावितों रमेश कुमार, हरी चंद, दिलीप सिंह ने बताया कि गांव एक दो दिनों में गिरने की कगार पर हैं और वहां के ग्रामीणों में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने बताया कि ब्रेऊना गांव के नीचे भूस्खलन हुआ है और इसकी दरारें गांव में पड़ गई है। जिस कारण छह घर धंस चुके हैं और स्कूल व मंदिर भी धंस गए हैं। जैसे ही यह घर गिरते हैं तो गांव के बाकी घरों के धंसने की आशंका बन गई है। ऐसे में वह अन्य गांव के लोगों के साथ पर मणिकर्ण पहुंचे और उन्होंने वहां से जिला प्रशासन व सरकार को फोन से अवगत करवाया है और सहायता की अपील की है। वही, ग्रामीणों ने कुल्लू प्रशासन से मांग की है कि जल्द उनके रहने की व्यवस्था की जाए और भूस्खलन से बाकी घरों को बचाने की भी कोई व्यवस्था की जाए।
डीसी कुल्लू आशुतोष गर्ग के साथ भी मुलाकात
वहीं इस भूस्खलन को लेकर भाजपा नेता नरोतम ठाकुर ने ग्रामीणों के साथ डीसी कुल्लू आशुतोष गर्ग के साथ भी मुलाकात की। भाजपा नेता नरोत्तम ठाकुर ने बताया कि स्थानीय ग्रामीण डोले राम, यशपाल का मकान गिर चुका है और कई मकान गिरने की कगार पर है। अगर जल्द ही हालत नही सुधरे तो बाकी घर भी गिर सकते है और ग्रामीणों को खासा नुकसान होगा। अभी तक 2 मकान गिर चुके है और 8 मकान गिरने की कगार पर हैं।वही उपमंडल बंजार के तीर्थन घाटी के बंदल गांव में भी 10 मकान भूस्खलन के कारण खतरे में आ गए हैं। तो इसके अलावा कई घरों को भी खतरा पैदा हो गया है। बंजार प्रशासन के द्वारा भी बंदल गांव का दौरा किया गया और भूस्खलन से प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान की गई है। इसके अलावा गड़सा घाटी के खोड़ा आगे में भी 30 परिवार अपने घरों को छोड़कर खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं। क्योंकि वहां पर भी पहाड़ी में भूस्खलन के कारण दरार आ गई हैं और मलबे के कारण इन घरों को नुकसान हो सकता है।
बंद सड़कों को खोलने का भी काम किया जा रहा
डीसी कुल्लू आशुतोष गर्ग का कहना है कि जिला कुल्लू में राहत कार्य में तेजी लाई गई है। भूस्खलन से जो भी परिवार प्रभावित हुए हैं उन्हें राहत राशि व अन्य सामग्री दी गई है। इसके अलावा बंद सड़कों को खोलने का भी काम किया जा रहा है। जो भी परिवार भूस्खलन से प्रभावित हो रहे हैं। उनके रहने की भी प्रशासन के द्वारा व्यवस्था की जा रही है।
