संजीव महाजन, नूरपुर(TSN): हिमाचल की लोकप्रिय सरकार जिसका नेतृत्व प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू निरंतर दस महीनों से जनहित में कार्य कर जनता को राहत प्रदान कर रहे हैं। पूर्व बीजेपी सरकार से विरासत में मिला 76 हजार करोड़ का कर्ज के बाबजूद भी सुक्खू सरकार ने अपनी सरकार के संसाधनों से 4500 करोड़ का विशेष पैकेज का प्रावधान कर अपनी परिपक्वता का परिचय देते हुए राष्ट्र में एक अलग पहचान बनाई है जिसके कारण प्रदेश में बीजेपी के नेता अपने आप को बोना महसूस कर रहे हैं व आधारहीन मुद्दों को उछाल कर जनता को गुमराह करने का विफल प्रयास कर रही हैं। यह बात गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुदर्शन शर्मा ने जसूर में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान कही।
उन्होंने कहा इतनी बड़ी शताब्दी की आपदा प्रदेश में आई लेकिन केंद्र सरकार मात्र लीपापोती के बजाए आपदा में मदद के बदले जनता को ठगती रही। प्रदेश के मुख्यमंत्री की कार्यशैली पर जिन्होंने अपनी राजनीतिक सूझ बूझ के चलते विशेष रिलीफ पैकेज के तहत पीडब्ल्यूडी,जल शक्ति विभाग को 770 करोड़ जारी कर दिया हैं।
उन्होंने कहा की आपदा के दौरान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त घरों पर पांच हजार अनुदान राशि को बड़ा कर एक लाख अनुदान राशि व पूर्णतया क्षतिग्रस्त मकान पर एक लाख से बड़ा कर सात लाख धन राशि का प्रावधान करना यह मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की ओर से जन कल्याण में लिया गया सबसे अच्छा निर्णय हैं,जिसकी राष्ट्र के अन्य राज्यों में भी सराहना की जा रही हैं।
प्रदेश में 650 किलोमीटर सड़कों का निर्माण कार्य निरंतर चल रहा है जो कि प्रदेश की भाग्यरेखा में सबसे बड़ी उपलब्धि हैं। प्रदेश में दस हजार के करीब नई सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रकिया चल रही है जो कि जनहित में सबसे बड़ा प्रशंसनीय कदम हैं। सबसे बड़ी उपलब्धता आम आदमी अपने आप को सुरक्षित महसूस कर रहा है जिसका प्रमाण घर घर से करीब 230 करोड़ की धनराशि अपने निजी संचय से मुख्यमंत्री राहत कोष में दान करना हैं। यह हिमाचल प्रदेश देवभूमि की संस्कृति को दर्शाता है जो कि निरंतर राहत कोष में इजाफा हो रहा है लेकिन भाजपा के नेता जिनमें राष्ट्रीय सत्तर के नेता भी मात्र कटाक्ष कर आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित न करवाने में भूमिका निभा रहे है जो कि निंदनीय हैं।
