राहुल चावला, धर्मशाला(TSN): कला किसी की मोहताज नहीं होती। अगर व्यक्ति में हुनर हैं तो वह किसी भी मुकाम को जीवन में हासिल कर सकता हैं। यही कर दिखाया हैं कलाकार मुकेश थापा ने। बचपन से ही प्रतिभा के धनी मुकेश थापा ने चौथी कक्षा सेे पेंटिंग करना शुरू कर दिया था। उनकी पेंटिंग सबसे अलग होने के चलते परिवार के साथ टीचर्स और सहपाठियों का भी उन्हें प्रोत्साहन मिलने लगा और मुकेश ने इसी फील्ड में करियर बनाने का मन बना लिया।
मुकेश ने पेंटिंग की कोई ट्रेनिंग नहीं ली है, लगातार प्रेक्टिस के दम पर मुकेश वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय स्तर के चित्रकार के रूप में नाम कमा चुके हैं। शौकिया तौर पर शुरू की गई पेंटिंग को मुकेश ने प्रोफेशन में बदल लिया हैं। बकौल मुकेश कला की परख रखने वाले बहुत कम लोग होते हैं, लेकिन जो समझते हैं, वो कलाकार में हजारों खूबियां देखता हैं। ऑयल पेंटिंग में महारत हासिल कर चुके मुकेश अलग-अलग तरह की पेंटिंग बनाने में अपना अलग मुकाम बना चुके हैं। ऑयल पेंटिंग में मुकेश रियलस्टिक कार्य करते हैं। कला का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी स्कॉप है और राष्ट्रीय स्तर पर कला के कद्रदान ही इसे पहचानते हैं।
करीब 33 वर्ष से पेंटिंग कर रहे मुकेश ने बताया कि उन्होंने यूनिक करने की सोचते हुए एक बाल से पेंटिंग बनाने की ठानी और बनाई भी, जो पूरी दुनिया में फेमस हो गई। उन्होंने बताया की एक बाल से पेंटिंग ऑर्डर पर ही बनाता हूं, रूटीन में नॉर्मल पेंटिंग ही बनाता हूं।
राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर के अवार्ड जीत चुके मुकेश थापा का कहना है कि उन्होंने बिना किसी के सहयोग से अपना नाम कमाया हैं। विदेशों में भी मुकेश की कृतियों की प्रदर्शनी लग चुकी हैं। मुकेश थापा ने कहा कि बड़ा बनने की सोच रखकर आज के दौर में लोग शॉर्टकट अपनाते हैं, मेरा यह मानना है कि ऐसा नहीं करना चाहिए, बल्कि धैर्य रखकर लगातार प्रयास करते रहना चाहिए और लक्ष्य पर नजर रखनी चाहिए, सफलता जरूर मिलेगी। उन्होंने कहा की मेरी पेंटिंग्स देश और सरकार की अमानत हैं, जिन्हें देखने के लिए लोग देश-विदेश से आते हैं। मेरा मानना है कि मेरी पेंटिंग्स यदि सरकार की प्रॉपर्टी हैं तो उनकी साज-संभाल भी की जानी चाहिए।
