कुल्लू : मनमिंन्द्र अरोड़ा – देश के निचले इलाकों में जहां अब गर्मी बढ़ने लगी है। तो वहीं अब गर्मी से निजात पाने के लिए सैलानी पहाड़ी इलाकों का रुख कर रहे हैं। हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों भी इन दिनों सैलानियों से गुलजार हो रहे हैं। जिसका पता इस बात से चलता है कि मई माह में ही जिला कुल्लू की पर्यटन नगरी मनाली में 25 हजार पर्यटक वाहनों ने दस्तक दी है। ऐसे में एक लाख से अधिक सेलानी इस माह अभी तक मनाली पहुंच चुके हैं।
62 लाख रुपए ग्रीन टैक्स हुआ जमा
अप्रैल माह की बात करें तो उस दौरान पूरा महीना 35 हजार पर्यटक वाहन यहां पहुंचे थे। वही ग्रीन टैक्स बैरियर से मिली जानकारी के अनुसार डेढ़ माह में यहां पर 62 लाख रुपए का ग्रीन टैक्स भी सरकारी खजाने में जमा किया जा चुका है। ऐसे में आने वाले डेढ़ माह में सैलानियों की भीड़ काफी रहेगी और जिला कुल्लू के पर्यटन स्थल सैलानियो से गुलजार रहेंगे।
मढ़ी जाने के लिए रोहतांग वेबसाइट से ले सकते हैं ऑनलाइन परमिट
जिला कुल्लू के अगर बात करें तो यहां पर 5000 से अधिक होटल होम स्टे व गेस्ट हाउस है। ऐसे में मात्र मनाली में ही 3 हजार से अधिक होटल, होम स्टे व गेस्ट हाउस है। यहां पर लगातार बाहरी राज्यों से सैलानियों के द्वारा ट्रेवल एजेंटों से संपर्क किया जा रहा है। बीते दिन ही जिला प्रशासन के द्वारा रोहतांग के साथ लगते मढ़ी को भी वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल कर दिया गया है। मढ़ी जाने के लिए रोहतांग वेबसाइट से ऑनलाइन परमिट लेने की भी व्यवस्था की गई है। ऐसे में पर्यटक खुद या फिर टैक्सी चालक 550 रुपए की फीस भरकर यह परमिट हासिल कर सकते हैं। मढ़ी में भी रोजाना तीन सौ से अधिक वाहन पहुंच रहे हैं और यहां पर सैलानी बर्फ के बीच खेलने का भी मजा ले रहे हैं।
कोरोना के बाद काफी संख्या में पर्यटकों ने दी दस्तक
अटल टनल रोहतांग बनने के बाद कुल्लू मनाली ही नहीं बल्कि पर्यटकों का लाहौल जाना भी आसान हो गया है। हालांकि इससे पहले रोहतांग दर्रा बर्फबारी के कारण बंद हो जाता था और 6 माह तक लाहौल घाटी देश-दुनिया से पूरी तरह से कट जाती थी। लेकिन अब टनल बनने के बाद स्थानीय लोगों के अलावा पर्यटकों का भी लाहौल घाटी पहुंचना आसान हुआ है और यहां के पर्यटन कारोबार को भी काफी तेजी मिली है । साल 2020 की बात करें तो कोरोना संकट के चलते यहां पर पर्यटन कारोबार बुरी तरह से प्रभावित हुआ था और पूरे साल में 9649 वाहन ही मनाली पहुंच पाए थे। साल 2021 में कोरोना वायरस की चेन थोड़ी कम हुई और उसके बाद 1 साल में 2 लाख 3 हजार 392 वाहन मनाली पहुंचे थे। लेकिन साल 2022 में 3 लाख 25 हजार 788 वाहनों ने मनाली पहुंचकर रिकॉर्ड तोड़ दिया था और जिला कुल्लू में 35 लाख से अधिक सैलानी विभिन्न पर्यटन स्थलों पर पहुंचे थे।
इस तरह मनाली पहुंच सकते हैं सैलानी
मनाली पहुंचने के लिए सैलानी दिल्ली से हवाई यात्रा के माध्यम से भुंतर हवाई अड्डा पहुंच सकते हैं और उधर से टैक्सी के माध्यम से मनाली पहुंच सकते हैं। इसके अलावा रेलवे के माध्यम से भी चंडीगढ़ तक पहुंचा जा सकता है और उसके बाद बस या फिर टैक्सी के माध्यम से सैलानी मनाली पहुंच सकते हैं। मनाली के माल रोड के अलावा सैलानी यहां पर सोलंग नाला, कोठी, मढ़ी, अटल टनल होते हुए लाहौल का रुख करते हैं। इसके अलावा वाम तट सड़क मार्ग पर भी जगतसुख, नग्गर, हामटा पास जैसे ऐसे कई पर्यटन स्थल हैं जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
जिला कुल्लू के पर्यटन कारोबारी देवेंद्र नेगी, नवनीत सूद, अरुण शर्मा का कहना है कि मई व जून माह जिला कुल्लू के लिए काफी फायदेमंद रहते हैं। क्योंकि इन दिनों निचले इलाकों में छुट्टियां होती है और सैलानी पहाड़ पर घूमने के लिए आते हैं। ऐसे में यहां पर सैलानियो की सुविधा के लिए कई होटल कारोबारियों के द्वारा पैकेज की भी व्यवस्था की गई है और पर्यटकों को हर सुविधा यहां पर उपलब्ध करवाई जा रही है।
अबकी बार 40 लाख से अधिक पर्यटक पहुंच सकते है
जिला कुल्लू पर्यटन अधिकारी सुनैना शर्मा ने बताया कि डेढ़ माह के भीतर यहां पर्यटक वाहनों की संख्या में इजाफा हुआ है। अभी जून माह तक जिला कुल्लू में पर्यटन सीजन रहता है और उम्मीद है कि अबकी बार 40 लाख से अधिक पर्यटक जिला कुल्लू के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर पहुंचेंगे। इससे पर्यटन कारोबार को भी काफी फायदा पहुंचेगा
