संजीव महाजन,नूरपूर: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को छात्रों के साथ परीक्षा पे चर्चा की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने स्कूली छात्रों को परीक्षाओं के दौरान तनाव को किस तरह से दूर रखना हैं इसे लेकर जरूरी टिप्स भी दिए। वहीं शिक्षा खंड नूरपूर के सुलयाली में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के छात्र-छात्राओं ने भारत सरकार की ओर से आयोजित परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम को प्रोजेक्टर के माध्यम से स्कूल में देखा।
परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम को देखने के लिए छात्र – छात्राओं में काफी उत्साहित दिखाई दिए। इस मौके पर स्कूल के दो सौ छात्र-छात्राओं ने इस लाइव प्रोग्राम को देखा और परीक्षा में तनाव को कैसे दूर रखना है यह जाना। वहीं बताते चले की परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम भारत सरकार की ओर से आयोजित किया गया जिसमें पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के जरिए लाखों छात्रों, उनके अभिभावकों और शिक्षकों से संवाद किया। पीएम के इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों के कॉन्फिडेंस को बढ़ाया, उनके स्ट्रेस के लेवल को कम करने का प्रयास किया और उन्हें स्वस्थ रहने के लिए प्रेरित किया।
स्कूल की जमा दो की छात्रा अर्श दीप ने बताया कि परीक्षा की चर्चा के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीखा कि किस तरह हमें तनाव मुक्त होकर पढ़ाई करनी हैं। कैसे हमें हार्ड वर्क के साथ स्मार्ट वर्क करना चाहिए और हमें डिजिटल डिवाइस का कम से कम प्रयोग करके हमें ज्यादा से ज्यादा अपने परिवार के साथ रहना चाहिए। उन्होंने हमें बताया कि हमें परीक्षा से डरना नहीं चाहिए ओर तनाव मुक्त होकर परीक्षा देनी चाहिए।
वहीं अन्य छात्रों ने बताया कि आज हमें परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में बहुत कुछ सिखने को मिला। प्रधानमंत्री ने हमें बताया कि प्रत्येक विषय में अलग-अलग समय देना चाहिए। अध्यापकों और छात्रों के बीच ऐसा वातावरण बनाना चाहिए जैसे की खुली हवा में पतंग का होता और साथ में ही डिजिटल डिवाइस का कम प्रयोग करने को कहा गया ।
पाठशाला प्रधानाचार्य वीरेंद्र गुलेरिया ने कहा कि आज हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बच्चों के साथ परीक्षा पर चर्चा की। उन्होंने बच्चों को बताया कि हम तनावमुक्त होकर कैसे परीक्षा दे सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने बच्चों को डिजिटल डिवाइस का गुलाम नहीं बनने को कहा। उन्होंने सभी बच्चों को हार्डवर्क के साथ-साथ स्मार्ट वर्क करने पर जोर दिया। इस तरह के कार्यक्रम होते रहने चाहिए इससे बच्चों को बहुत कुछ सिखने का मौका मिलता रहेगा ।
