अरविंदर सिंह,हमीरपुर: जिला हमीरपुर के जिस धावक ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम चमकाया और प्रदेश का मान बढ़ाया आज वही धावक गुमनामी भरी जिंदगी जीने के लिए मजबूर हो गया हैं। हालात इस कदर बदल चुके हैं कि इस धावक को अपना परिवार चलाने के लिए ढाबा चलाना पड़ रहा है और ढाबे पर झूठे बर्तन तक साफ करने पड़ रहे हैं। आज कुछ आमदनी जुटा सके इसके लिए यह धावक गांव में लगने वाले मेलों में कुश्ती में लड़ने के लिए मजबूर हैं।
विधानसभा क्षेत्र भोरंज के रहने वाले धावक शिव कुमार शर्मा ने 16 बार राष्ट्रीय एथलेटिक प्रतियोगिता में भाग लेने के अलावा जूनियर और सीनियर नेशनल प्रतियोगिताओं में दमखम दिखाया हैं। मजबूरी के चलते अब शिव कुमार ढाबे पर जूठे बर्तन साफ करने के साथ-साथ ढाबा चलाकर आजीविका कमा रहे हैं। शिव कुमार ने केन्द्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर व प्रदेश खेल मंत्री विक्रमादित्य सिंह से मांग की है कि प्रशिक्षक खिलाडियों की अनदेखी न की जाए और उन्हें रोजगार दिया जाए।
बता दे कि जोधपुर में अखिल भारतीय साईं सीनियर नेशनल प्रतियोगिता में शिव कुमार ने तीसरे पायदान पर रहकर हिमाचल की झोली में कांस्य पदक डाला था। शिव कुमार तीन बहनों का इकलौता भाई हैं। शिव कुमार ने कहा कि परिवार के पालन पोषण के लिए दिहाड़ी-मजदूरी और अब ढाबे पर काम करना पड़ रहा हैं। दिल्ली स्थित अखिल भारतीय एथलेटिक्स फेडरेशन के कार्यालय और शिमला स्थित खेल विभाग के कई बार चक्कर काटने के बावजूद उन्हें एथलेटिक्स का प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं हो पाया हैं, जबकि अन्य धावकों को शिमला खेल विभाग से ही प्रमाण पत्र उपलब्ध होने के बाद सरकारी नौकरी भी मिल चुकी हैं।
शिव कुमार शर्मा ने कहा कि सरकार के द्वारा बाहरी राज्यों के कोचों को डेढ लाख रूपए के वेतन पर नियुक्त किया गया हैं, जबकि हिमाचल के किसी भी खिलाड़ी को कोच के पद पर नियुक्ति नहीं दी गई हैं। तो क्या हिमाचल में अनुभवी कोच की कमी हैं। वहीं शिव कुमार ने कहा कि जहां भी धाकों की प्रतियोगिता हुआ करती थी वहां पर मेरी दौड पर विभाग ने सवालिया निशान लगाए हैं। उन्होंने कहा कि किसी ओर के नाम पर मुझे दौड़ाया गया था। उन्होंने बताया कि विभाग ने आज दिन तक प्रमाण पत्र भी नहीं दिया हैं। चार पांच नेशनल खेलने के बावजूद उनके पास केवल दो का ही प्रमाण पत्र हैं।
शिव कुमार ने खेल विभाग से मांग की है कि मेरी अनदेखी न की जाए और योग्यता रखने वाले खिलाडी को नौकरी दी जाए। उन्होंने मौजूदा समय में सांई में कोच नियुक्त किया गया हैं उसपर भी सवालिया निशान खडे किए ,क्योंकि जिला खेल अधिकारी ने योग्यता पूरी न होने पर कोच के पद पर तैनाती करने के लिए मना कर दिया था।
जिला खेल अधिकारी पूरन चंद कटोच ने कहा कि शिवकुमार एनआईएस क्वालिफाइड कोच है लेकिन प्रदेश सरकार और साईं की ओर से कुछ समय पूर्व जो नियुक्तियां की थी उसमें शिव कुमार की नियुक्ति नहीं हो पाई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से कोच की नियुक्ति के लिए विशेष मापदंड बनाए गए हैं और उसी के तहत नियुक्तियां हो रही हैं।
