Shimla,27 June-हिमाचल प्रदेश में चिकित्सा क्षेत्र में एक नई क्रांति की शुरुआत हो चुकी है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की पहल पर प्रदेश में पहली बार रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू होने जा रही है। शिमला स्थित अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशलिटीज़, चमियाणा को यह उपलब्धि हासिल हुई है, जहां अब अत्याधुनिक रोबोटिक तकनीक से सर्जरी की जाएगी।
इस उद्देश्य के लिए 28 करोड़ रुपये की लागत से दिल्ली स्थित एम्स की तर्ज पर पहला रोबोटिक सिस्टम खरीदा गया है, जो अब चमियाणा पहुंच चुका है। जुलाई माह में इसकी स्थापना प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी और इसके बाद मरीजों की सर्जरी इस नई तकनीक से शुरू कर दी जाएगी।संस्थान के प्रिंसिपल डॉ. बृज लाल ने जानकारी दी कि रोबोटिक सर्जरी से मरीजों को छोटा चीरा लगाकर सर्जरी की जाती है, जिससे खून बहाव कम होता है, दर्द कम होता है और मरीज जल्दी स्वस्थ होकर अस्पताल से छुट्टी पा लेता है। डॉक्टरों के लिए भी यह तकनीक सुविधाजनक है, क्योंकि इससे उन्हें अधिक सटीकता, नियंत्रण और थकान रहित ऑपरेशन की सुविधा मिलती है।
इस तकनीक में थ्री-डी और उच्च गुणवत्ता वाली इमेज देखने की सुविधा होती है, जिससे शरीर के जटिल हिस्सों में भी आसानी से सर्जरी संभव हो पाती है।मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, चमियाणा के साथ-साथ राजकीय मेडिकल कॉलेज टांडा में भी शीघ्र ही रोबोटिक सर्जरी के उपकरण पहुंचने वाले हैं। इसके पश्चात आईजीएमसी शिमला, मेडिकल कॉलेज हमीरपुर और अन्य संस्थानों में भी चरणबद्ध ढंग से यह सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी।इस पहल से हजारों मरीजों को राहत मिलेगी और उन्हें महंगी सर्जरी के लिए राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। यह कदम प्रदेश को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत पहल साबित होगा।
