Una, Rakesh-हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला की चताड़ा पंचायत की महिला प्रधान नीलम कुमारी को पंचायत टेंडर मामले में अनियमितताओं के आरोप में निलंबित कर दिया गया। निलंबन की अधिसूचना जारी होते ही गांव में विरोध शुरू हो गया। पंचायत के कई सदस्य और ग्रामीण नीलम कुमारी के समर्थन में सामने आए हैं।
ग्रामीणों और पंचायत सदस्यों ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
गांववासियों और पंचायत सदस्यों का कहना है कि प्रधान के खिलाफ की गई कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि नीलम कुमारी न केवल एक ईमानदार और समर्पित प्रधान हैं, बल्कि उन्होंने अपने निजी संसाधनों से भी गांव के विकास में योगदान दिया है।पंचायत के कुछ सदस्यों ने विरोध स्वरूप सामूहिक इस्तीफे की भी चेतावनी दी है। इस संबंध में ग्रामीणों ने प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। प्रधान नीलम कुमारी ने भी आरोप लगाया कि कुछ हजार रुपये की मामूली बात को आधार बनाकर उन्हें निलंबित किया गया है, जबकि यह पूरा मामला राजनीतिक षड्यंत्र प्रतीत होता है।
ऊना के अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्र पाल गुर्जर ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि चताड़ा गांव के एक प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें ज्ञापन सौंपा है, जिसमें पंचायत प्रधान के निलंबन पर नाराजगी जताते हुए सामूहिक इस्तीफे की बात कही गई है। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों की मांग को गंभीरता से लेते हुए पंचायत अधिकारी को मामले की जांच के निर्देश दे दिए गए हैं।
