कुल्लू : मनमिंदर अरोड़ा – प्रदेश में बीते दिनों हुई भारी बारिश के चलते जहां एक बार फिर से सड़कों की हालत खराब हो गई है। तो वहीं मंडी से कुल्लू सड़क मार्ग भी वाहनों की आवाजाही के लिए बंद हो गया है। हालांकि वाया कटोला से बजौरा होते हुए छोटे वाहनों को भेजा जा रहा है । लेकिन बड़े वाहनों की आवाजाही बंद होने से जिला कुल्लू में जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है ।
जिला कुल्लू में पेट्रोल व डीजल की किल्लत का वाहन चालकों को सामना करना पड़ रहा है। मंडी से वाया कटोला बजौरा होते हुए रात के समय पेट्रोल व डीजल के कुछ टैंकरों को तो भेजा जा रहा है। लेकिन उसके बाद भी जिला कुल्लू में स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है। ऐसे में स्थानीय लोगों के द्वारा यह मांग भी की जा रही है कि मोहल में जो इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के द्वारा तेल भंडारण केंद्र बनाया गया है। वहां से उन्हें तेल की सप्लाई देनी चाहिए या फिर उस जगह को वापिस सरकार को सौंप देना चाहिए।
साल 2011 में खत्म हो गई है भंडारण केंद्र की लीज
मिली जानकारी के अनुसार मोहल में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के द्वारा कारगिल युद्ध के दौरान तेल भंडारण केंद्र बनाया था। ताकि आपातकाल की स्थिति में इस जगह तेल भंडार किया जा सके। लेकिन यह तेल का डिपो सिर्फ एक कागजी डिपो बन कर रह गया। यहां से अब इसे ऊना के लिए शिफ्ट कर दिया गया है और यहां पर बड़े बड़े टैंक और मशीनरी शो पीस बनी हुई हैं। सरकार के द्वारा इसे 15 साल की लीज पर दिया गया है और यह लीज साल 2011 में खत्म हो गई है। मिली जानकारी के अनुसार पहले इस केंद्र में अंबाला से तेल के टैंकर आते थे और कागजो की औपचारिकता पूरी कर लेह लद्दाख निकल जाते थे कुछ वक्त ऐसे चलता रहा लेकिन बाद में कागजो की औपचारिकता भी बंद हो गयी और तेल की सप्लाई सीधी अम्बाला से लेह बाईपास से शुरू कर दी गयी। फिर कुछ समय यहां से कुल्लू जिला व लाहौल घाटी के एकमात्र पेट्रोल पंप को तेल की सप्लाई शुरू हुई, वह भी सीधी अम्बाला से होती थी। जब से ऊना में इंडियन ऑयल का डिपो बना तब से इस डिपो को बिल्कुल ही बंद कर दिया गया।
कुल्लू टैक्सी संचालक और चालक का कहना ये
कुल्लू टैक्सी संचालक कविंद्र ठाकुर का कहना है कि खराब मौसम के चलते सड़कों की हालत खराब हुई है और तेल के टैंकर भी समय पर यहां नहीं पहुंच पा रहे हैं। ऐसे में अगर यहां पर तेल भंडारण केंद्र से पेट्रोल व डीजल की सप्लाई की जाए। तो वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना नहीं करना होगा। इस और भी प्रशासन को ध्यान देना चाहिए। वही टैक्सी चालक प्रेम कुमार का कहना है कि सरकार के द्वारा तेल भंडारण के लिए लीज पर भूमि कंपनी को दी गई है और कंपनी को भी इसी काम के लिए इसका प्रयोग करना चाहिए। अगर कंपनी के द्वारा अपना भंडारण केंद्र शिफ्ट कर दिया गया है। तो करोड़ों रुपए की यह भूमि वापस सरकार को सौंप देनी चाहिए।
डीसी कुल्लू आशुतोष गर्ग का कहना है कि कंपनी के साथ जो लीज की गई थी वह खत्म हो गई है। हालांकि कंपनी के द्वारा लीज रिन्यू के लिए दोबारा से अपने दस्तावेज भेजे गए हैं। ऐसे में अब प्रशासन भी इस मामले में कार्रवाई करेगा और सरकार को इस बारे भी सूचित किया जाएगा।
