अरविंदर सिंह,हमीरपुर: हमीरपुर से मंडी बन रहे एनएच निर्माण की लापरवाही की पहली तस्वीर पहली ही बारिश ने साफ कर दी हैं। शुक्रवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश ने टौणी देवी तहसील के तहत ठाणा दरोगण गांव में तबाही मचा दी हैं। एनएच का पानी लोगों के घरों में घुस गया और सामान भी भीग गया। पहली ही बारिश ने एनएच निर्माण में बरती जा रही लापरवाही की पोल खोल कर रख दी।
बता दें कि ठाणा दारोगण में करीब दो किलोमीटर लंबे नाले को चैनललाइज किए बिना ही नया एनएच बनाने की शुरुआत कर दी गई। लोगों ने इसका आरंभ में ही विरोध किया लेकिन लोगों की एक नहीं सुनी गई। शुक्रवार को हुई बारिश ने नाले का रुख बदली करते हुए लोगों के घरों में तबाही मचा दी। बेडरूम में घुसे पानी ने इलेक्ट्रॉनिक्स सामान भिगो दिया। कई घरों के किचन बरामदे और आंगन पानी में कई घंटे डूबे रहे।
एनएच निर्माण कंपनी की ओर से बरती गई लापरवाही से तृप्ता देवी, आशीष , पंकज, राकेश, राजीव, जोगिंद्र इत्यादि का नुकसान हुआ हैं। बारिश का पानी घरों और दुकानों में घुस गया। इससे इलेक्ट्रॉनिक्स सामान के अलावा दुकानों में रखा सामान भीग गया। प्रभावितों ने रोष जताते हुए कहा कि विकास के नाम पर विनाश होते हुए वे पहली बार देख रहे हैं।
सूचना मिलते ही तहसीलदार बमसन डॉ. आशीष शर्मा ने नायब तहसीलदार रमेश शर्मा को मौके पर भेजा। डॉ. आशीष शर्मा ने बताया कि नुकसान का आंकलन किया जा रहा हैं। मौके पर मौजूद लोगों के चेहरे पर चिंता, रोष और भय साफ देखा जा रहा हैं। लोग प्रशासन से एनएच निर्माण में बरती जा रही लापरवाही को बेबाकी से बता रहे हैं।
नायब तहसीलदार रमेश शर्मा ने ठाणा दरोगन ने दूरभाष पर बताया कि कंपनी के साइट इंजीनियर को बुलाकर सख्त दिशा निर्देश देकर राहत कार्य शुरू करवा दिया हैं। कंपनी को प्रभावित क्षेत्र में प्राथमिकता के आधार पर निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
