अनिल नेगी, किन्नौर: प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर से करवट ले ली हैं। मौसम विभाग की ओर से जारी चेतावनी के तहत प्रदेश के सभी ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी हो रही हैं। वहीं मैदानी इलाकों में लगातार बारिश हो रही हैं। बात अगर प्रदेश के जनजातीय जिला किन्नौर की की जाए तो किन्नौर में जनवरी माह की यह तीसरी बर्फबारी हुई हैं। जिला में बर्फबारी का दौर शुक्रवार सुबह से ही लगातार जारी हैं।
जिला में जनवरी माह में पहले हुई बर्फबारी बेहद कम थी लेकिन आज सुबह से बर्फ़बारी का जो दौर जारी हुआ हैं, उसके चलते बर्फ की एक मोटी चादर बिछ चुकी हैं। जिला के ऊंचाई वाले सभी ग्रामीण इलाकों में करीब ढाई से तीन इंच बर्फबारी की सूचना मिली हैं और निचले इलाको में एक इंच तक बर्फबारी हुई हैं, जिसके चलते अब सड़कों पर भी फिसलन बढ़ गई हैं।
जिला के ऊंचाई वाले ग्रामीण इलाकों में बर्फबारी के चलते बिजली आंख मिचोली का खेल खेल रही हैं। निचले इलाकों में भी बर्फबारी के चलते अब अत्यधिक ठंड हो चुकी हैं,जिसके चलते जिला शीतलहर की चपेट में आ गया हैं। बर्फबारी के बाद प्रशासन ने भी अलर्ट जारी करते हुए पर्यटकों व स्थानीय लोगों को पहाड़ो व नदी नालों के समीप न जाने की सलाह दी हैं, ताकि गलेशियर इत्यादि की चपेट में आने से लोगों को बचाया जा सके।
बर्फबारी के चलते जिला में जहां आपदाओं का खतरा बना रहता है वहीं बागवानों व किसानों के लिए यह बर्फबारी किसी अमृत से कम नहीं हैं। लंबे समय से जिला में सूखा पड़ा हुआ हैं, ऐसे में बर्फबारी के चलते अब बागवानों व किसानों को सिंचाई से निजात मिली हैं और सेब के बगीचों में चिलिंग आवर का समय भी पूरा होगा।
जिला में बर्फबारी का दौर सुबह 6 बजे से शुरू हुआ जिसके बाद ऊंचाई वाले ग्रामीण इलाकों में जहां अधिक बर्फबारी हुई हैं उन इलाकों में बस सेवा व अन्य वाहनों की आवाजाही पर फिलहाल प्रशासन ने रोक लगाई हैं। वहीं पर्यटकों भी जिन पर्यटन स्थलों में ठहरे हैं मौसम अनुकूल न होने तक उन्हें उन्हीं क्षेत्रों में रुकने की सलाह दी गई हैं, ताकि बर्फबारी के दौरान पर्यटकों समेत स्थानीय लोगों को आपदाओं से बचाया जा सके। फिलहाल बर्फबारी के चलते किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली हैं।
