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भविष्य में आपदा के नुकसान को कम करने के लिए विकासार्थ विद्यार्थी की ओर से राष्ट्रीय संगोष्ठी का शिमला में हुआ आयोजन

admin
admin 2 Min Read
Updated 2023/10/10 at 11:12 AM
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संजु चौधरी, शिमला(TSN): आपदा की गतिशीलता पर विकासार्थ विद्यार्थी हिमाचल प्रदेश की ओर से शिमला में राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा हैं। संगोष्ठी में पिछले दिनों हिमाचल में आई आपदा को लेकर चर्चा की जा रही हैं जिसमें विशेषज्ञ भविष्य में इस तरह की त्रासदी से बचने को लेकर अपने सुझाव दे रहे हैं। संगोष्ठी में एनआईटी हमीरपुर के डायरेक्टर हरिलाल मुरलीधर रघुवंशी, एबीवीपी के राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान और मंडी विश्व विद्यालय के पूर्व वीसी प्रो. डीडी शर्मा ने अपने विचार सांझा किए।
सेमिनार में एनआईटी हमीरपुर के डायरेक्टर हरिलाल मुरलीधर रघुवंशी ने कहा कि अन्य पहाड़ी राज्यों की तुलना में हिमाचल की मिट्टी अधिक रेतीली हैं, इसलिए यहां घर बनाने से पहले मिट्टी की टेस्टिंग बेहद जरूरी है ताकि मिट्टी की क्षमता के हिसाब से ट्रीटमेंट की जा सके और भविष्य में घर टूटने से बचाए जा सके।बेतरतीब शहरीकरण से आपदा में नुकसान कई गुणा बढ़ जाता हैं। सड़कों, पुलों और बहुमंजिला इमारतों का निर्माण इस प्रकार होना चाहिए कि वो इस प्रकार की आपदा को झेल सके। इसके अलावा उन्होंने रिहायशी क्षेत्रों में भी अधिक से अधिक पेड़ लगाने की आवश्यकता बताई।
वहीं इस दौरान एबीवीपी के राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान ने कहा कि अब वक्त आ गया हैं जब प्रदेश में हुई आपदा की समीक्षा की जानी चाहिए। हिमाचल को किस प्रकार से भविष्य में आपदा से बचाया जा सकता हैं। इसपर आज के सेमिनार में मंथन किया जा रहा हैं। सेमिनार से जो कुछ निष्कर्ष निकलेगा उसे प्रदेश सरकार से भी सांझा किया जाएगा। राजधानी शिमला क्षेत्र से भीड़ कम करनी होगी और कुछ दफ्तर यहां से बाहर शिफ्ट करने होंगे। समय रहते संजौली के स्मिट्री में उचित कदम उठाए जाने चाहिए ताकि भूकंप जैसी स्थिति में भी वहां कम से कम नुकसान हो।
TAGGED: behalf, disaster, future, national seminar, reduce, Shimla, Vikasrathi Vidyarthi
admin October 10, 2023
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