सचिन शर्मा, मनाली(TSN): आपदा के बाद से प्रदेश में पर्यटन करोबार रफ़्तार नहीं पकड़ पा रहा हैं। वहीं हिमाचल में पर्यटन के इन हालातों को लेकर भाजपा कांग्रेस को कसूरवार ठहरा रही हैं। भाजपा प्रवक्ता अजय राणा ने कहा की हैं कि हिमाचल प्रदेश में पर्यटन उद्योग कांग्रेस की वर्तमान सरकार के हाथों तेजी से गिरता दिखाई दे रहा हैं। उन्होंने कहा की अगर तुलना की जाए तो जम्मू कश्मीर का पर्यटन जिस प्रकार से बढ़ रहा है उसी प्रकार हिमाचल प्रदेश के पर्यटन गिरता दिखाई दे रहा हैं।
उन्होंने कहा की सरकार की नई पथकर नीति के कारण अब तक नवंबर और दिसंबर की बुकिंग नहीं आई है जो पहले की थी वह कैंसल हो रही हैं। पर्यटन से जुड़े कारोबारियों में भय का साया छाया हुआ हैं। उन्हें सारा पर्यटन यहां जो नव वर्ष में आता था उसके खाली रहने का डर सत्ता रहा हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण सैलानी उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर का रूख कर रहे हैं। कारोबारियों को डर है कि वे लोन की किस्तें कैसे अदा करेंगे। उन्होंने कहा कि लंबे समय से टैक्सियों को लेकर हिमाचल प्रदेश में बड़ा विवाद चल रहा है और इसपर काम करने का प्रदेश सरकार की ओर से ज्यादा प्रयास नहीं हो रहे हैं।
बाहरी राज्यों के ट्रेवल एजेंटों ने हिमाचल का बहिष्कार करना शुरू कर दिया था। पंजाब के ट्रेवल एजेंटों ने तो बार्डर सील करने की धमकी दी थी,जिससे पर्यटन उद्योग को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा हैं। टूरिस्ट वाहन संचालक पहले ही कोरोना और प्राकृतिक आपदा की मार झेल रहे हैं उस पर अब सरकार ने 6 गुना टैक्स का बोझ डाल कर कमर तोड़ दी हैं।
क्षतिग्रस्त कुल्लू-मनाली हाईवे-3 को नए रूप में बनाने का खाका तैयार
उन्होंने कहा की बाढ़ से क्षतिग्रस्त कुल्लू-मनाली हाईवे-3 को नए रूप में बनाने का खाका तैयार हो गया हैं। केंद्र सरकार तेज गति से इसपर काम कर रही हैं। अब कुल्लू-मनाली राइट और लेफ्ट बैंक दोनों ओर से डबललेन सड़क बनेगी, जबकि कुल्लू- मनाली वाया नग्गर लेफ्ट बैंक में अलेउ से मनाली के फोरलेन पुल तक टनल का निर्माण किया जाएगा। यह टनल करीब तीन किलोमीटर तक लंबी होगी। अलेउ से आगे मनाली तक रिहायशी इलाके साथ यहां सैकड़ों की संख्या में होटल बने हैं, ऐसे में एनएचएआई टनल बनाने जा रहा हैं। कुल्लू-मनाली-वाया नग्गर डबललेन और टनल सामरिक महत्व के साथ पर्यटन के लिए संजीवनी साबित होंगे। कुल्लू के बाशिंग में पुलिस लाइन के लिए ब्यास नदी पर पुल बनाकर यातायात राइट और लेफ्ट बैंक को मोड़ा जाएगा। इसकी डीपीआर का कार्य अंतिम चरण में चल रहा हैं। केंद्र का इरादा साफ है कि हिमाचल प्रदेश को किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने देंगे पर वर्तमान कांग्रेस सरकार को सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हुए केंद्र के साथ चलना चाहिए।
