मंडी (परी शर्मा): हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव नवबंर महीने में होने वाले है और आचार संहिता भी लगेगी। आचार संहिता लगने से आत जनता और व्यापारियों पर भी इसका असर देखने को मिलेगा क्योंकि त्योहारी समय में ही लोग खरीददारी करने ज्यादा बाजार आते हैं। ऐसे में वे एक साथ ज्यादा कैश नही ले जा सकते। आचार संहिता लागू होने के बाद सार्वजनिक धन के प्रयोग पर रोक लगा दी जाती है। जिससे किसी राजनीतिक दल या राजनेता को चुनावी लाभ न प्राप्त हो सके।
चुनाव प्रचार के लिए सरकारी गाड़ी, सरकारी विमान या सरकारी बंगले का प्रयोग नहीं किया जा सकता है। मतदाताओं को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए किसी भी तरह की सरकारी घोषणाओं, लोकार्पण, शिलान्यास पर रोक लगा दी जाती है। पुलिस की अनुमति के बिना कोई भी राजनीतिक रैली नहीं की जा सकती है। धर्म के नाम पर वोट की मांग नहीं की जा सकती है।
आचार संहिता लागू होने से आम लोगों, व्यापारियों पर भी इसका असर देखने को मिलता है। व्यापारी ज्यादा कैश नहीं ले जा सकते है। दीवाली, धनतेरस पर ही ज्यादा खरीददारी करने के लिए निकलते है। व्यापरियों का कहना है कि आचार संहिता से छोटे बड़े व्यापारी और ग्राहकों को समस्यों का सामना ना करने पड़े और विकास के कार्य नहीं रूकने चाहिए। इसका विशेष ध्यान रखें क्योकि इसका असर चुनावों में पडेगा।
