संजीव महाजन,नूरपूर: बच्चों के दांतों का ध्यान शुरुआत से रखना बेहद जरूरी हैं। पहला दांत आने पर ही नर्म मुलायम ब्रश से साफ करें। 3 से 6 साल के बच्चों को चावल के दाने के बराबर बच्चों वाला पेस्ट दें तो वहीं बड़ों को मटर के दाने के आकार का पेस्ट लेना चाहिए। दांतों की साफ सफाई ठीक न हो तो दिल का रोग, कैंसर भी हो सकता हैं। यह जानकारी ज्वाली विधानसभा के सिविल अस्पताल में आशा वर्कर्स के लिए आयोजित पांच दिवसीय शिविर के दौरान आशा वर्कर्स को दी गई।
5 दिवसीय शिविर में दंत रोग ,कान रोग, आंख रोग, इमरजेंसी केअर की ओईईईसी ट्रेनिंग आशा वर्कर्स को दी गई। दंत रोग विशेषज्ञ डॉ.राजेश चौधरी व योगेन ठाकुर ने आशा वर्करों को ट्रेनिंग में कई नई बातें बताई। उन्होंने बताया कि आखों की दवाई सुनिश्चित करें,जितनी बार,जितनी बूंदे डॉक्टर ने बताई है उतनी डालें। आखों को पांच मिनट तक बंद रखें। कान में दवाई डालने के बाद 15 मिनट तक आराम करें,गले में कुछ फंस जाने पर कैसे देखभाल करनी है, सीपीआर कैसे करते हैं,ब्लीडिंग को रोकने के बारे में भी जानकारी दी गई।
चिकित्सा अधिकारी योगेन ठाकुर ने बताया कि खंड स्तरीय इस ट्रेनिंग का मुख्य उद्देश्य समाज में ग्रामीण स्तर पर जाकर लोगों को इन बीमारियों के बारे में जागरूक करना हैं ताकि लोग समय पर बीमारियों के लक्षणों को पहचान सकें ।
