बीबीएन : जगत सिंह -प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र नालागढ़ के एकमात्र सिविल अस्पताल में पिछले 7 सालों से अल्ट्रासाउंड नहीं हो रहे हैं । रेडियोलोरोजिस्ट पद पिछले 7 सालों से खाली चल रहा है, जिसके कारण नालागढ़ के सिविल अस्पताल में इलाज करवाने के लिए लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
निजी अस्पतालों में महंगे दामों पर करवाने पढ़ रहे अल्ट्रासाउंड
बता दें कि गर्भवती महिलाओं को निजी अस्पतालों में महंगे दामों पर जहां अल्ट्रासाउंड करवाने पड रहे हैं।
इस बारे में हमने विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं के पदाधिकारियों का कहना है कि 7 सालों से वह पहले भाजपा की सरकार से शिकायतें लेकर अपील करते रहे, लेकिन अब कांग्रेस की सरकार के चक्कर काट रहे हैं । स्वास्थ्य मंत्री से भी एक प्रतिनिधि मंडल अस्पताल में फैली अव्यवस्थाओं को लेकर मिला था और उन्होंने आश्वासन दिया था कि जल्द ही अस्पताल में डाक्टर व स्टाफ की कमी को पूरा किया जाएगा, लेकिन आज दिन तक अस्पताल में डॉक्टरों व स्टाफ की कमी को पूरा नहीं किया गया है । जिसके चलते क्षेत्र के लोगों को इलाज करवाने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है और निजी अस्पतालों द्वारा मनमाने दामों पर अल्ट्रासाउंड किए जाते हैं ।
सरकार की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल
इस बारे में स्थानीय लोगों का कहना है कि सबसे ज्यादा रेवेन्यू औद्योगिक क्षेत्र नालागढ़ से ही सरकार को जरनेट होता है और यहीं पर लोगों की सेहत के साथ सरकार खिलवाड़ कर रही है, जो सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर मिलनी चाहिए, वह भी यहां पर उपलब्ध नहीं करवाई जाती है । जिसके कारण लोगों में खासा रोष है लोगों ने सरकार को चेतावनी देकर कहा है कि अगर जल्द ही अस्पताल में फैली अव्यवस्थाओं को पूरा नहीं किया गया तो वह एकत्रित होकर आंदोलन का रास्ता अख्तियार करने को भी मजबूर होंगे। जिसकी जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग व सरकार की होगी।
अस्पतालों में पूरा किया जाएगा डॉक्टरों की कमियों को
इस बारे में सीएमओ सोलन राजन उप्पल ने कहा कि जहां-जहां भी अस्पतालों में स्टॉफ व डॉक्टरों की कमी है, उनकी लिस्ट बनाकर स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल को दे दी गई है ।सरकार ने आश्वासन दिया है कि अस्पतालों में डॉक्टरों की कमियों को पूरा कर दिया जाएगा।
