Mandi, Dharamveer-: बीती 22 दिसम्बर 2025 को डोर टू डोर प्लस पोलिया अभियान के दौरान दुर्घटना के बाद अकाल मृत्यु का शिकार हुई मंडी सदर सर्कल की आंगनबाड़ी वर्कर हर्षा के परिवार के लिए आगंनबाडी वर्कर यूनियन ने 50 लाख रूपये मुआवजा और परिवार के किसी सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग उठाई है।
रैली निकालकर और सीडीपीओ कार्यालय के बाहर किया धरना प्रदर्शन
सीटू के बैनर तले मंडी शहर में रोष रैली और सीडीपीओ कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन कर यूनियन ने यह मांग उठाई है। इस मौके पर आंगनबाड़ी वर्करों ने विभाग व सरकार पर उसने दिनरात काम कराने के आरोप लगाते हुए भविष्य में अन्य विभागों का कड़े शब्दों में कोई भी कार्य करने से भी साफ इंकार किया। औट सर्कल रीता देवी और सदर सर्कल आंगनबाड़ी वर्कर अयोध्या देवी ने बताया कि उन पर अतिरिक्त कार्य का इतना बोझ बढ़ गया है कि उन्हें इसे निपटाने के लिए दिनरात कार्य करना पड़ता है। जिस कारण उन्हें आए दिन घर में अपने परिजनों का भी विरोध झेलना पड़ रहा है।
वहीं इस मौके पर दिवंगत आंगनबाड़ी वर्कर हर्षा के बेटे रजन शर्मा ने कहा कि उनकी माता के देंहात को 15 दिन बीत गए हैं, लेकिन विभाग की ओर से आज दिन तक किसी भी अधिकारी ने अपनी सांत्वना तक व्यक्त नहीं की। रजन ने कहा कि मां हर्षा के कारण ही परिवार का पालन पोषण चल रहा था, लेकिन अब उनके जाने के बाद परिवार की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उन्होंने भी सरकार से मुआवजा देने के साथ, नौकरी देने की मांग उठाई है। सीटू ईकाई सविव सुरेश सरवाल ने चेताया कि यदि सरकार हर्षा के परिवार को उचित मुआवजा व नौकरी नहीं देती है तो यूनियन विभाग व सरकार के खिलाफ कड़ा रूख अपनाने के लिए मजबूर होगी। साथ ही उन्होंने सरकार से विभिन्न विभागों में कार्यरत्त आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए अलग से पॉलिसी बनाने की भी मांग उठाई है, ताकि कोई अनहोनी घटना घटित होने पर संबधित विभाग की जिम्मेदारी व जबावदेही सुनिश्चित हो सके।
