संजु चौधरी, शिमला: हिमाचल प्रदेश विधानसभा बजट सत्र के सातवें दिन बुधवार को सदन में पूर्व की भाजपा सरकार की ओर से चलाई गई जन मंच कार्यक्रम को लेकर जमकर हंगामा हुआ। पूर्व सरकार की इस जन मंच कार्यक्रम पर जहां कांग्रेस के विधायकों ने सवाल खड़े किए तो वहीं पूर्व भाजपा सरकार की ओर से द्वेष की भावना से इस कार्यक्रम को बंद करने के आरोप सरकार पर लगाए जा रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर आभ कांग्रेस और भाजपा आमने-सामन आ गए हैं।
वहीं लोक निर्माण विभाग मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने भी भाजपा पर इस जनमंच कार्यक्रम को लेकर हमला बोला हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व की भाजपा सरकार की ओर से जनमंच कार्यक्रम जो शुरू किया था वह असल में झंड मंच था। इस कार्यक्रम में अधिकारियों की झंड करने और विपक्ष को कोसने का काम किया जाता था। कार्यक्रम में भाजपा के नेता और हारे हुए नेताओं को धाम खिलाई जाती थी। फिजूलखर्ची इस कार्यक्रम में की जा रही थी जिसको देखते हुए सरकार ने इस कार्यक्रम को बंद कर दिया हैं।
उन्होंने कहा कि लोगों की समस्याएं सुनने के लिए सरकार अपने स्तर पर नया कार्यक्रम शुरू करेगी। कांग्रेस की सरकार बदले की भावना से कोई भी काम नहीं कर रही हैं बल्कि जो जनहित में योजनाएं चल रही है जैसे की गुड़िया हेल्पलाइन, मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना सहित अन्य योजनाओं को उसी रूप में जारी रखा जा रहा हैं।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से जो बजट पेश किया गया है वह नई सोच के साथ पेश किया गया हैं। पहले बजट में इस तरह की नई सोच नहीं देखने को मिली है । प्रदेश में ग्रीन स्टेट की बात आज तक नहीं हुई हैं। आज यह समय की मांग है कि इस तरह की बात हो ओर चर्चा की जानी चाहिए। विश्व के अंदर पर्यावरण में बदलाव देखने को मिल रहा हैं। ग्लेशियर पिघल रहे हैं। बे मौसम बारिश हो रही हैं। जिसके लिए इस दिशा में कार्य करना बेहद जरूरी हो गया हैं।
उन्होंने भाजपा पर निशाना साधाते हुए कहा कि 5 साल तक नेशनल हाईवे का भाजपा गुणगान करती रही। पहले विपक्ष में रहते आरोप लगाते थे लेकिन अब तथ्यों के ऊपर बात कर रहे है अभी तक एक भी नेशनल हाइवे को स्वीकृति नहीं मिल पाई हैं।
