सीमा शर्मा, मंडी: किरतपुर मनाली फोरलेन का एक टोल प्लाजा टकोली पंचायत के बीचों बीच स्थापित किया गया हैं जिसका विरोध हम यहां के ग्रामीणों की ओर से जताया जा रहा हैं ग्रामीण यहां पिछले ढाई महीने से टोल प्लाजा पर ही तंबू गाड़ कर विरोध जता रहे हैं लेकिन उसके बाद भी उनकी मांगों की सुनवाई नहीं हो रही हैं। यह टोल प्लाजा अभी चालू नहीं हुआ है लेकिन ग्रामीण इसके नुकसानों को भांपते हुए बीते ढाई महीनों से इसके विरोध में अपनी आवाज को बुलंद किए हुए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि टोल प्लाजा स्थापित होने से पंचायत दो भागों में बंटकर रह गई हैं। स्थानीय निवासी कृष्ण पाल ठाकुर, ज्ञान चंद और प्रेम चंद ने बताया कि लोगों के घर टोल के एक तरफ हैं तो जमीन दूसरी तरफ। यदि अपनी ही जमीन तक गाड़ी लेकर जाना होगा तो उसके लिए टोल अदा करना पड़ेगा। किसी सरकारी कार्यालय या अस्पताल जाना होगा तो भी टोल अदा करना पड़ेगा। इनका कहना है कि टोल को बीना पंचायत की अनुमति के स्थापित किया गया हैं। ग्रामीणों के लिए इस टोल को पूरी तरह से फ्री किया जाए।
ग्रामीणों ने बताया कि जिला प्रशासन और एनएचएआई इनकी कोई सुनवाई नहीं कर रहा हैं। कुछ दिन पहले ग्रामीणों ने आंशिक चक्का जाम किया तो प्रशासन भागा-भागा पहुंच गया था। यदि जल्द ही इसका समाधान नहीं किया गया तो फिर पूरा दिन हाईवे पर चक्का जाम किया जाएगा और इसकी जिम्मेवारी प्रशासन व एनएचएआई की होगी।
वहीं इस बारे में एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर वरूण चारी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि टोल प्लाजा अभी शुरू नहीं हुआ हैं। जो स्थानीय लोग होंगे उन्हें नियम के तहत मात्र 300 रूपए मासिक की दर पर पास जारी होगा, जिसपर वे पूरा महीना अपने पंजीकृत निजी वाहनों को अनगिनत बारी टोल से गुजार सकेंगे जबकि कमर्शियल वाहनों के लिए अलग से कम शुल्क रखा जाएगा। टोल को फ्री करने का कोई प्रावधान नहीं हैं।
