नूरपुर (संजीव महाजन): पठानकोट मंडी फोरलेन योजना के पहले चरण के निर्माण कार्य में उजड़े परिवारों का चार साल से चल रहा इंतजार खत्म नहीं जो रहा है। इन परिवारों को अभी भी सरकार के वायदे के अनुसार चार गुणा मुआवजे का इंतजार है लेकिन सरकार अपना वायदा ही पूरा नहीं कर रही है। इस पर अब जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं नूरपुर के पूर्व विधायक अजय महाजन ने सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि पठानकोट मंडी फोरलेन योजना के पहले चरण के निर्माण कार्य में क्षेत्र के कड़वाल से लेकर भेड़खड्ड तक करीब चार हजार लोग योजना के कारण उजड़ रहे है उनका कारोबार तबाह हो चुका है। यह लोग पिछले साढ़े चार साल से फैक्टर दो के हिसाब से चार गुना मुआवजा देने और न्याय के लिए संघर्ष कर रहे है।
उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर अपने नूरपुर दौरे के दौरान स्थिति साफ़ करें कि क्या वह भाजपा के संकल्प पत्र के वादे पर कायम रहते हुए नूरपुर के लोगों की आवाज सुनेंगे या एक बार फिर उनकी आवाज को अनसुना किया जाएगा। जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं नूरपुर के पूर्व विधायक अजय महाजन ने कहा कि शनिवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर नूरपुर दौरे पर आ रहे है। अब सरकार का मात्र कुछ दिनों का कार्यकाल बचा है इसलिए अब भी समय है सरकार अपने लोगों के साथ संवेदनशीलता दिखाते हुए क्षेत्र के प्रभावितों के जख्मों पर मरहम लगाते हुए अपने वायदे पर खरा उतरते हुए स्थिति स्पष्ट करें।
महाजन ने कहा कि उन्होंने सत्ता में आने से पहले लोगों से फैक्टर दो के हिसाब से चार गुना मुआवजा देने के लिए अपने घोषणापत्र में वादा किया था। एक ही भूमि और एक योजना पर लोगों को बहुमुल्य भूमि के बदले अलग अलग ढंग से नाममात्र मुआवजे दिए गए जोकि बेहद अन्यायपूर्ण थे। यह जांच का विषय है कि ऐसा क्यों हुआ। इतने कम मुआवजे में उजड़ रहे लोग दूसरी जगह भी स्थापित नहीं हो पा रहे है। महाजन ने कहा कि नूरपुर क्षेत्र के उक्त मार्ग के विभिन्न कस्बों के हजारों लोगों का छोटा बड़ा रोजगार भी छिन चुका है। उन्हें पुनर्स्थापित करने के लिए सरकार को आगे आना चाहिए लेकिन साढ़े चार साल से भी ज्यादा समय से सरकार की नीति सही नहीं दिखी। महाजन ने हैरानी व्यक्त करते हुए कहा कि संसद में पारित भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 क्यों लागू नहीं किया गया इस बारे सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
महाजन ने कहा कि क्षेत्र में पशुओं में फैली लंपी बीमारी विकराल रूप धारण कर चुकी है आए दिन दुधारू पशु मर रहे है, लेकिन सरकार वैक्सीन का भी प्राविधान नहीं करवा पा रहे है। सरकार की ओर से प्रायोजित प्रगतिशील हिमाचल के कार्यक्रमों पर तंज कसते हुए कहा कि फोरलेन प्रभावित, सेवानिवृत कर्मी,सरकारी कर्मचारी, किसान, बागवान, मजदूर अपने हकों को लेकर और आम जनता महंगाई व युवा वर्ग बेरोजगारी से तंग लोग आए दिन सरकार के खिलाफ हल्ला बोल रहे है तो फिर प्रगति किस बात की मानी जाए।
