अनिल कुमार,किन्नौर: प्रदेश में एक बार फिर से मौसम ने करवट बदली हैं। मौसम के बदलते ही जहां ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ़बारी हुई हैं तो वहीं मैदानी इलाकों में भी हल्की बारीश हुई हैं। वहीं जनजातीय जिला किन्नौर के ऊंचाई वाले ग्रामीण इलाकों में बीती रात से ही बर्फबारी का दौर जारी हैं, जिसके चलते जिला में ठंड एक बार फिर से बढ़ गई हैं। इससे पूर्व जनवरी व फ़रवरी माह में भी यहां बर्फबारी हुई थी,लेकिन आज बर्फ की काफी मोटी परत जिला के ऊंचे ग्रामीण इलाकों में देखने को मिली हैं।
जिला के ऊंचाई वाले सभी ग्रामीण इलाकों में करीब ढाई से तीन इंच बर्फबारी की सूचना मिली हैंऔर कुछ निचले इलाको में एक इंच तक बर्फबारी हुई हैं। वहीं जिला में कुछ क्षेत्रों में बारिश का दौर भी जारी हैं, जिसके चलते अब सड़कें फिसलन भरी हुई हैं। जिला के ऊंचाई वाले ग्रामीण इलाकों में बर्फबारी के चलते बिजली भी आंख मिचौली का खेल खेल रही हैं, तो निचले इलाकों में भी बारिश व हल्की बर्फबारी के चलते अब अत्यधिक ठंड हो चुकी हैं जिसके चलते जिला शीतलहर की चपेट में आ गया हैं।
बर्फबारी के बाद प्रशासन ने भी अलर्ट जारी करते हुए पर्यटकों व स्थानीय लोगों को पहाड़ो व नदी नालों के समीप न जाने की सलाह दी हैं ताकि ग्लेशियर इत्यादि की चपेट से लोगों को बचाया जा सके। बर्फबारी के चलते जिला में जहां आपदाओं का खतरा बना हैं, वहीं बागवानों व किसानों के लिए यह बर्फबारी किसी अमृत से कम नहीं। लंबे समय से जिला में सूखा पड़ा हुआ हैं, ऐसे में बर्फबारी के चलते अब बागवानों व किसानों को सिंचाई से निजात मिली हैं और सेब के बगीचों में चिलिंग ऑवर का समय भी पूरा होगा।
जिला के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी का दौर बीती रात से रुक रुक कर चला हुआ हैं। ऊंचाई वाले ग्रामीण इलाकों में जहां अधिक बर्फबारी हुई हैं। उन इलाकों में बस सेवा व अन्य वाहनों की आवाजाही को फिलहाल प्रशासन ने रोक लगाई हैं और मौसम के हिसाब से वाहनों की आवाजाही के लिए निर्देश दिए जाएंगे वहीं पर्यटकों को भी जिन पर्यटन स्थलों में ठहरे हैं।मौसम अनुकूल होने तक उन्हीं क्षेत्रों में रुकने की सलाह दी हैं ताकि बर्फबारी व बारिश के दौरान पर्यटकों समेत स्थानीय लोगों को आपदाओं से बचाया जा सके फिलहाल बर्फबारी के चलते किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली हैं।
