चन्द्रिका – नमक के बिना जैसे व्यंजन खाने में फीका लगता है, उसी प्रकार नमक कि कम और अधिक मात्रा हमारे स्वास्थ्य को प्रभावित करता है । नमक का सीधा असर रक्तचाप पर पड़ता है, इसलिए विशेषज्ञ आहार में संतुलित नमक का इस्तेमाल करने की सलाह देते है ।
कच्चा नमक खाना भी सेहत को नुकसान पहुंचाता है
शरीर को नमक की कुछ मात्रा जरूर चाहिए होती है,क्योंकि नमक से आवश्यक तत्वों की जरूरत पूरी होती है। भारत में औसतन हर कोई दिन में 15 ग्राम के आसपास नमक खाता है, जबकि इंसान को सिर्फ 6 ग्राम नमक ही खाना चाहिए। सोडियम शरीर के विकास के लिए अत्यंत जरूरी तत्त्व है, लेकिन सोडियम का जरूरत से ज्यादा प्रयोग एक नहीं बल्कि अनेक समस्याओं को जन्म देता है जैसे,अस्थमा, छाती में जलन, अस्थि रोग, सूजन, उच्च रक्तचाप आदि। इन सब रोगों से बचने के लिए नमक का प्रयोग संतुलित तरिके से करना चाहिए । विशेषज्ञ के अनुसार कच्चा नमक खाना भी सेहत को नुकसान पहुंचाता है ।
नमक शरीर की हड्डियों और दिल की बीमारियों से करता है बचाव
शरीर में नमक की कमी की वजह से मांसपेशियों में ऐंठन, सिर चकराना और पैरों आदि में सूजन जैसी परेशानियां हो सकती हैं, जो आगे चलकर गंभीर स्नायु रोग का रूप धारण कर सकती हैं। नमक शरीर की हड्डियों और दिल से संबंधित बीमारियों से भी बचाता है। इससे शरीर में तरल मात्रा बनी रहती है और शरीर का इलेक्ट्रोलाइट और पीएच लेवल बना रहता है। अगर आप अपना वजन नहीं कम कर पा रहे हैं तो इसका कारण नमक भी हो सकता है। यदि आप अपने खाने में नमक की कटौती करते हैं, तो आपका वजन शुरुआत में तो काफी जल्दी से घटता है, लेकिन वह आपका फैट नहीं कम करता।
ज्यादा नमक लेने से बढ़ता है शरीर का फैट
ज्यादा नमक खाने से प्यास ज्यादा लगती है, प्यास ज्यादा लगने से अक्सर लोग कोई ना कोई पेय-पदार्थ लेते हैं, जिससे शरीर की कैलोरी बढ़ती हैं। ज्यादा नमक खाने से ओवरईटिंग की समस्या होती है और ज्यादा सोडियम डाइट लेने से शरीर का फैट बढ़ता है।
कम नमक खाने से हो सकती हैं हाइपरटेंशन
एक शोध के मुताबिक कम नमक खाने से बहुत फर्क पड़ता है। जिस प्रकार से ज्यादा नमक खाने से रक्तचाप का स्तर बढ़ जाता है, ठीक उसी तरह से नमक का कम सेवन करने से भी आप अनियंत्रित रक्तचाप के शिकार हो सकते हैं।
